Student Agitation : रेलवे की भर्ती परीक्षा (RRB NTPC CBT 2 और Group D CBT 1) को लेकर छात्रों का आंदोलन बिहार के बाद यूपी में भी फैल गया है और लगातार उग्र होता जा रहा है। इसे देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने इन परीक्षाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है और मामले में छात्रों की शिकायतों की जांच के लिए एक समिति की गठन कर दिया गया है। है। ये समिति विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ओर से आयोजित परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले परीक्षार्थियों की शिकायतों की जांच करेगी। ये समिति देश के अलग-अलग हिस्सों में जाएगी और छात्रों की शिकायतें सुनेगी। दोनों पक्षों की शिकायतें और चिंताएं सुनने के बाद समिति 4 मार्च तक रेल मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

इस बीच केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से अपनी शिकायतें दर्ज करवाने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने सभी से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा कि रेलवे आपकी संपत्ति है, आप अपनी संपत्ति को संभालकर रखें। आपकी जो शिकायतें और बिंदू अब तक उभर कर आए हैं उन सबको हम गंभीरता से देखेंगे। कोई भी छात्र कानून को हाथ में न ले।

क्या है छात्रों की शिकायत?

दरअसल ये छात्र रेलवे भर्ती बोर्ड की गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (आरआरबी-एनटीपीसी) परीक्षा 2021 के परिणाम का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि 2019 में जारी आरआरबी अधिसूचना में केवल एक परीक्षा का उल्लेख किया गया था, लेकिन अब दूसरी परीक्षा ली जा रही है। उन्होंने अधिकारियों पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

इस मामले ने भी तूल तब पकड़ा, जब 15 जनवरी को परीक्षा परिणाम घोषित हुए। वैसे, उस समय रेल मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि अधिसूचना में दूसरे चरण की परीक्षा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। इनके मुताबिक सीबीटी के पहले चरण की परीक्षा सभी उम्मीदवारों के लिए एक सामान्य परीक्षा थी।

इस बारे में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सफाई देते हुए कहा कि परीक्षा में धांधली से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। एक लाख 40 हजार वैकेंसी है और एक करोड़ से ज्यादा आवेदन आए थे। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी हों तो एक बार में परीक्षा लेना कठिन है, इस वजह से दो लेवल किया गया था।

क्या है मौजूदा स्थिति?

इस मामले में छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और इनके समर्थन में कई राजनीतिक दल भी कूद पड़े हैं। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कई ट्रेनों में आग लगा दी, पटरियों पर धरना दिया और कई जगहों पर रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इनकी पुलिस के साथ झड़प की भी खबरें हैं। विरोध प्रदर्शन के कारण कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। विरोध-प्रदर्शन की घटनाएं पटना, नवादा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, बक्सर और भोजपुर जिलों से मिली है।

Posted By: Shailendra Kumar