LIVE Ayodhya Ram Janmabhoomi: अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन के लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। हर कोई राममय होना चाहता है, चाहे आम जन हो, सत्ता पक्ष हो या विपक्ष। राम मंदिर भूमि पूजन को लेकर कांग्रेस नेताओं के भी बयान आते रहे हैं। अब प्रियंका गांधी वाड्रा ने बयान जारी किया है। सोशल मीडिया पर लिखित बयान जारी करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, 'सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं। भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने।' (नीचे पढ़िए प्रियंका गांधी वाड्रा का पूरा बयान)

इस बीच, रामलला के एक अन्य अर्चक भी कोरोना पॉजिटिव सोमवार को रामलला के एक अन्य अर्चक प्रेमचंद्र तिवारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। गत 30 जुलाई को सहायक पुजारी प्रदीप दास के कारोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से ही रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास पर भी भूमिपूजन अनुष्ठान में शामिल होने को लेकर संशय मंडराने लगा है। सहायक पुजारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मुख्य अर्चक को क्वारंटाइन कर दिया गया था। हालांकि उनकी जांच रिपोर्ट दो बार निगेटिव आ चुकी है, पर रामलला के दरबार तक जाने के लिए उन्हें जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।

उमा भारती, संघ प्रमुख मोहन भागवत लखनऊ पहुंचे, शाम को अयोध्या जाएंगे

इस बीच, संघ प्रमुख मोहन भागवत आज लखनऊ पहुंच गए। उनके साथ में सर कार्यवाह भैया जी जोशी भी हैं। सभी यहां के निराला नगर शिशु मंदिर में ठहरे हैं। शाम को अयोध्या के लिए निकलेंगे। ये सभी राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। उमा भारती भी लखनऊ पहुंचीं।

भूमिपूजन के लिए बना आमंत्रण पत्र खास किस्म के सिक्योरिटी कोड से लैस है, जो केवल एक बार ही काम करेगा। कार्ड की नंबरिंग भी की गई है। आयोजन स्थल पर प्रवेश के समय कार्ड पर पड़े नाम व नंबर को सुरक्षा अधिकारी क्रॉस चेक करेंगे। एक बार प्रवेश लेने के बाद यदि कोई व्यक्ति परिसर से निकलकर दोबारा जाने करने की कोशिश करेगा तो उसे प्रवेश नहीं मिल सकेगा। वहीं रामलला के लिए लखनऊ की मुस्लिम महिला चांदनी शाहबानो ने डाक से राखी भेजी है। भगवान राम से प्रेम धर्म की सीमाओं से परे हैं।

भूमि पूजन में शामिल होने के लिए अतिथियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने से 2 घंटे पहले ही स्थल पर पहुंचना होगा। अतिथियों के वाहन सिर्फ रंगमहल बैरियर तक ही जाएंगे। वहां से अतिथियों को पैदल ही कार्यक्रम स्थल तक जाना होगा। अमावा मंदिर परिसर में वाहनों की पार्किंग की जाएगी।

नेपाल के जानकी मंदिर के महंत को भी न्योता

आमंत्रित संतों में दशनामी संन्यासी परंपरा, वैष्णव परंपरा, रामानुज परंपरा, नाथ परंपरा, निम्बार्क, माधवाचार्य, वल्लभाचार्य, रामसनेही, कृष्णप्रणामी, उदासीन, कबीरपंथी, चिन्मय मिशन, रामकृष्ण मिशन, लिंगायत, वाल्मीकिसंत, रविदासी संत, आर्य समाज, सिख परंपरा, बौध, जैन, इस्कान, स्वामीनारायण, वारकरी, एकनाथ, बंजारा व वनवासी संत, आदिवासी गौण, गुरु परंपरा, भारत सेवाश्रम संघ, आचार्य समाज, सिंधी संत व अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी हैं। नेपाल के जानकी मंदिर के महंत भी भूमिपूजन के कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

Posted By: Arvind Dubey

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