Republic Day Speech 2020 : अगर आप 26 जनवरी को कहीं स्‍पीच देने जा रहे हैं और आपको तैयारी का समय नहीं मिल पाया है तो फिक्र ना करें। हम आपको कुछ आसान और शॉर्ट स्‍पीच यहां बताने जा रहे हैं। 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर जिन स्‍टूडेंट्स और टीचर्स को स्‍कूल में होने वाले कार्यक्रम में स्‍पीच देना होती है, वो अक्‍सर एक सप्‍ताह पहले से इसकी तैयारी करने लगते हैं। लंबी स्‍पीच के लिए जरूर वक्‍त लगता है लेकिन शॉर्ट स्‍पीच की तैयारी ऐसे करें।

इन 10 विषयों पर कर सकते हैं भाषण और निबंध

1. भारतीय गणतंत्र का अर्थ

2. भारत के संविधान के निर्माण में लगा था 2 साल 11 महीने का समय

3. जानिये हमारे तिरंगे का इतिहास

4. विश्‍व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है भारत का संविधान

5. गणतंत्र दिवस पर पहली परेड 1955 में हुई थी

6. पूरा संविधान गाथ से लिखा गया था

7. पहले राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का पहला भाषण

8. वंदे मातरम को 1950 में दिया गया था राष्ट्रगीत का दर्जा

9. झंडा वंदन के क्‍या हैं नियम और कानून

10. किस समय और किस स्‍थान पर आधा झुका हुआ झंडा फहराया जाता है।

स्‍पीच की भूमिका में इन बातों को करें शामिल

गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है?

पूरे भारत में 26 जनवरी को लोग देश का गणतंत्र दिवस मनाते हैं। इस दिन आधिकारिक राजपत्रित अवकाश होता है। यह याद करने का दिन है कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, जिससे देश एक स्वतंत्र गणराज्य बना।

इसे गणतंत्र दिवस क्यों कहा जाता है?

26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में चुना गया था क्योंकि यह 1929 में इसी दिन था जब भारतीय स्वतंत्रता की घोषणा (पूर्ण स्वराज) को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा डोमिनियन के विपरीत घोषित किया गया था।

भाषण के दौरान इन बातों को खास तौर पर कहें, श्रोता सुनते रह जाएंगे

- हमारे संविधान के बनने की कहानी भी कम रोचक नहीं है। सभी जानते हैं कि यह पूरे 2 साल, 11 माह और 18 दिनों में बनकर तैयार किया गया था।

- संविधान की मूल प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखी थी। यह पांडुलिपि यानी हस्‍तलिखित स्‍वरूप में थी।

- संविधान को लिखने में पूरे 6 माह का समय लगा था। इसमें कहीं भी किसी तरह की टाइपिंग या प्रिंटिंग का प्रयोग नहीं किया गया।

- जब 26 जनवरी, 1950 में संविधान लागू किया गया था, तब इसमें कुल 395 आर्टिकल, 8 अनुसूचियां थीं। 22 भाग थे।

- संविधान निर्माण कमेटी में कुल 284 सदस्‍य थे। इन्‍होंने 24 नवंबर, 1949 को संविधान पर दस्‍तखत किए थे। इन सदस्‍यों में 15 महिलाएं थीं।

- हमारे संविधान की हस्‍तलिखित पांडुलिपि एक विशेष प्रकार के चर्मपत्र पर तैयार की गई थी। बताया जाता है कि यह करीब 1 हजार से भी अधिक वर्ष तक सुरक्षित रह सकती है। इसे सूक्ष्‍मजीवों या दीमकों से कोई नुकसान नहीं होगा। पांडुलिपि में पृष्‍ठों की संख्‍या 234 है, इनका वजन कुल 13 किलो है।

26 जनवरी के लिए लघु निबंध

गणतंत्र दिवस एक ऐसा दिन है जो पूरे देश में जोश के साथ मनाया जाता है। हम भारतीयों के लिए यह संवैधानिक महत्‍व रखता है। यह हमारे संविधान के अमल में आने का दिन है। हमारे लिए यह बेहद खास है क्‍योंकि देश की संवैधानिक व्‍यवस्‍था इससे ही संचालित होती है। 26 जनवरी 1950 से यह लगातार हर साल उत्‍साह से मनाया जाता रहा है। इससे पहले लंबे समय तक देश पर अंग्रेजों का राज था। बरसों तक गुलामी भोगने के बाद आखिर 15 अगस्‍त, 1947 को हमारा देश स्‍वतंत्र हो पाया। इसके तीन साल बाद इसे पूर्ण रूप से गणतांत्रिक देश का भी दर्जा प्राप्‍त हो गया। हम देश में हमारा कानून है जो चलता है। इससे पहले अंग्रेजों का कानून चलता था। भारतीय संविधान को देश की संसद ने 2 साल 11 महीने और 18 दिन पूरे होने के बाद इस दिन पास किया था। इसके बाद भारत स्‍वं को एक लोकतांत्रिक गणराज्य के तौर पर घोषित कर दिया। यह दिन हमारे लोकतांत्रिक मूल्‍यों का महापर्व है। हमें विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र वाले देश का नागरिक होने का गौरव प्राप्‍त है।

जय हिंद, जय भारत

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हिंदी में संक्षिप्‍त भाषण

सम्मानित मुख्य अतिथि, शिक्षक और मेरे सभी प्यारे दोस्तों, सबसे पहले, मैं आपको एक गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देता/देती हूं। आज हम 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। यह दिन हम सभी के लिए अपने राष्ट्र के सम्‍मान करने का दिन है। गणतंत्र का मतलब है कि देश के लोगों को देश के विकास के लिए अपने राजनीतिक नेताओं का चुनाव करने का अधिकार है।

देश के नागरिक के रूप में हम भी इसके विकास के लिए जिम्मेदार हैं। हमारा देश 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया। लेकिन संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसलिए, उस दिन को हम हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। भारत में विविधता में एकता दिखाने के लिए विभिन्न भारतीय राज्यों द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक बड़ा प्रदर्शन भी किया जाता है।

इस भाषण को समाप्त करने से पहले, मैं गणतंत्र दिवस के बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का मौका देने के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहता/चाहती हूं, और मुझे एक भारतीय होने पर गर्व है जहां हमें सभी प्रकार की स्वतंत्रता है।

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स्‍कूली बच्‍चों के लिए 26 जनवरी की शॉर्ट स्‍पीच

सबसे पहले मैं हमारे आदरणीय प्रधानाचार्य, मेरे शिक्षकों, मेरे सीनेटर्सऔर सहकर्मियों को सुप्रभात कहना चाहूंगा/ चाहूंगी। आइए आपको इस खास मौके के बारे में कुछ बताते हैं। आज हम अपने राष्ट्र का 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। इसे 1947 में भारत की आजादी के ढाई साल बाद 1950 से मनाया जाने लगा। हम इसे हर साल 26 जनवरी को मनाते हैं क्योंकि हमारा संविधान उसी दिन लागू हुआ था। 1947 में ब्रिटिश शासन से आज़ादी मिलने के बाद, भारत एक स्व-शासित काउंटी का मतलब संप्रभु राज्य नहीं था। 1950 में जब भारत का संविधान लागू हुआ, तब भारत एक आत्मनिर्भर देश बन गया। आज हमें इस का गर्व है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्‍ट्र के नागरिक हैं।

जय हिंद, जय भारत

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टीचर्स के लिए शॉर्ट स्‍पीच

आज के कार्यक्रम के माननीय मुख्य अतिथि, सम्मानित प्रिंसिपल, साथी शिक्षक, अभिभावक और मेरे सभी प्रिय मित्र। इस बार हम भारत का 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं यही कारण है कि हम यहां एकत्र हुए हैं। आज मैं गणतंत्र की मिट्टी के बारे में कुछ शब्द बोलने जा रहा/रही हूं, जो सभी भारतीय नागरिकों के लिए बहुत ही खास दिन है।

भारत 1950 से 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस मनाता है क्योंकि इस दिन भारत को गणतंत्र देश के रूप में घोषित किया गया था और साथ ही साथ भारत का संविधान लंबे वर्षों के संघर्ष की स्वतंत्रता के बाद लागू हुआ था। 1947 में 15 अगस्त को भारत को आज़ादी मिली और ढाई साल बाद यह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक बना। भारत में गणतंत्र दिवस का इतिहास में बहुत महत्व है क्योंकि यह भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के प्रत्येक संघर्ष के बारे में बताता है। विविधता में एकता ही इस देश की मौलिक पहचान है। हमें गर्व है कि हम ऐसे संवैधानिक राष्‍ट्र के नागरिक हैं।

आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

जय हिंद, जय भारत

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Short essay for 26 January

Republic Day is a day which is celebrated with zeal throughout the country. It is of constitutional importance for us Indians. This is the day for the implementation of our Constitution. It is very special for us because the constitutional system of the country is governed by it. It has been celebrated every year since 26 January 1950 with enthusiasm. Before this, the country was ruled by the British for a long time. After years of slavery, our country finally became independent on August 15, 1947. Three years later, it also attained the status of a fully democratic country. We have our law in the country that runs. Earlier, British law used to work. The Indian Constitution was passed by the Parliament of the country on this day after completing 2 years 11 months and 18 days. After this India declared itself as a democratic republic. This day is the epicenter of our democratic values. We have the distinction of being citizens of the largest democracy in the world.

Jai Hind, Jai Bharat.

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Republic Day 2020 Speech For Kids (Short Speech)

I would like to say good morning to our respected Principal, my teachers, my senors and colleagues.

Let me let you know something about this special occasion.

Today we are celebrating 71st republic day of our nation.

It was started celebrating since 1950, two and half years later to the Independence of India in 1947.

We celebrate it every year on 26th of January as our constitution came into effect on the same day.

After getting independence from the British rule in 1947, India was not a self-ruled county means a sovereign state.

India became a self-goyeming country when its constitution came into effect in 1950.

Jai Hind, Jai Bharat.

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Republic Day Speech in English 2020 For Teachers

Honorable chief guest of day, Our respected principle, teachers, parents and my all dear friends. As we are celebrating 71st Republic day of India that is why we are All gathered here. Today I am going to speak a few words about 26 january, Which is crucial day for all of us, Indian citizens.

India celebrates Its Republic Day every year on the 26th of January from 1950. at this day India was declared as the republic country as well as constitution of India came into force after independence of long years of Hard struggle. That was time when despite of limited resouce, our men put their best out of every effort. India got independence on 15th of August in 1947 and two and half years later it became a Democratic Republic. Republic day in India has a great importance in the history as it tells us all about each and every struggle of Indian freedom fighters.

Jai Hind, Jai Bharat.

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During the speech, say these things specifically, the listener will keep listening.

The story of the formation of our constitution is also no less interesting. Everyone knows that it was prepared in 2 years, 11 months and 18 days.

- Prem Bihari Narayan Raizada wrote the original copy of the constitution. This manuscript was in handwritten format.

- It took 6 months to write the constitution. There was no typing or printing used anywhere.

- When the Constitution was enacted on 26 January 1950, it had a total of 395 articles, 8 schedules. There were 22 parts.

- There were a total of 284 members in the constitution building committee. He signed the constitution on 24 November 1949. There were 15 women among these members.

- The handwritten manuscript of our constitution was prepared on a special type of parchment. It is said that it can be safe for more than 1 thousand years. It will not cause any harm from microorganisms or termites. The number of pages in the manuscript is 234, weighing a total of 13 kg.

here's wish to all of you a very happy republic day.

https://www.naidunia.com/ की ओर से आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत शुभकामनाएं।

Posted By: Navodit Saktawat

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