तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विस स्टाफ कालेज (डीएसएससी) में बुधवार को उत्साह का माहौल था। देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत एक लेक्चर देने कालेज में आने वाले थे। अचानक आई एक खबर ने उत्साह के माहौल को गम में बदल दिया। यह खबर सीडीएस रावत को लेकर आ रहे वायु सेना के हेलीकाप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की थी। इसके बाद तो पूरे कालेज में उदासी छा गई।

सीडीएस जनरल रावत को दोपहर बाद 2ः45 बजे डीएसएससी के सेखों हाल में लेक्चर देना था। कोयंबटूर के पास सुलूर एयर बेस से वह वायु सेना के हेलीकाप्टर से कुनूर के लिए उड़ान भरे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक लैंडिंग से कुछ ही मिनट पहले उनका हेलीकाप्टर एक पेड़ से टकराया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बाद में उसमें आग लग गई, जिसमें सीडीएस रावत, उनकी पत्नी और 13 लोगों की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक जिस वक्त हादसा हुआ वहां धुंध था और शायद इसी की वजह से पायलट पेड़ को नहीं देख सका। वह तुरंत मौके पर पहुंचा तो देखा कि हेलीकाप्टर का अगला भाग जमीन की तरफ था।

भारतीय वायु सेना (आइएएफ) के एक पूर्व अधिकारी ने कहा, "हेलीकाप्टर की पूरी जांच की गई होगी। एक स्टैंडबाय हेलीकाप्टर भी होगा। मौसम के हालात की भी जांच की गई होगी। इस मामले में अगर वेलिंगटन में मौसम जरा खराब भी होगा तो उन्होंने लैंडिंग का एक प्रयास करने का निर्णय किया होगा और उसे रद कर दिया होगा।" अधिकारी ने कहा कि शायद कोई तकनीकी खराबी या मौसम हादसे की वजह रही होगी।

Posted By: Navodit Saktawat

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