Sabarimala Temple: केरल का चर्चित सबरीमाला मंदिर शनिवार शाम पांच बजे दो माह के लिए खुल गया। दर्शन के लिए आंध्र प्रदेश की 30 महिलाओं के जत्थे के साथ आईं 'प्रतिबंधित' उम्र की 10 महिलाओं को दर्शन की इजाजत नहीं दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश का आदेश दिया है, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति के कारण 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। आंध्र की महिलाओं का जत्था शनिवार को जब सबरीमाला पर्वत पर बने अयप्पा मंदिर के बेस कैंप पंबा पहुंचा तो पुलिस ने उनके पहचान-पत्र चेक किए। इसमें उनकी उम्र 'प्रतिबंधित' वर्ग की निकली तो उन्हें रोक दिया गया। पंबा कैंपसबरीमाला मंदिर पर्वत के नीचे स्थित है। यहां से मंदिर पांच किमी की ऊंचाई पर है। श्रद्धालुओं को दोपहर दो बजे से पहाड़ी पर चढ़ने की इजाजत दे दी गई थी।

दो माह चलेगा मकरविलक्कू पर्व

भगवान अयप्पा का यह प्रसिद्ध मंदिर आगामी दो माह तक खुला रहेगा। इस दौरान यहां मंडला-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा आयोजित होती है। मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार 10 से 50 वर्ष की रजस्वला महिलाओं को दर्शन की इजाजत नहीं है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर, 2018 को आदेश जारी कर हर उम्र की महिलाओं को दर्शन की इजाजत दे दी है। गत गुरुवार को इस मामले में पुनर्विचार याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने उक्त आदेश पर कोई रोक नहीं लगाई। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने मामला सात सदस्यीय संविधान पीठ को आगे विचार के लिए भेजने का आदेश दिया है।

मंत्री बोले, यह एक्टिविज्म दिखाने की जगह नहीं

केरल के देवास्वॉम मंत्री कडकमल्ली सुरेंद्रन ने स्पष्ट कहा है कि सबरीमाला मंदिर एक्टिविस्टों के लिए अपना एक्टिविज्म दिखाने की जगह नहीं है। सरकार प्रचार के लिए यहां आने वाली महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं देगी।।

Posted By: Arvind Dubey