नई दिल्ली। गंगा रक्षा के लिए 65 दिनों से आमरण अनशन कर रहीं Sadhvi Padmavati की हालत गंभीर बनी हुई है। उनको हरिद्वार से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सोमवार देर रात एंबुलेंस से दिल्ली लाया गया। उनका दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है। Sadhvi Padmavati को आइसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है। फिलहाल वो बेहोशी की हालत में है।

एम्स में मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर के नेतृत्व में उनका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। एम्स के मुताबिक उन्हें सोमवार देर रात 10.26 बजे एम्स में भर्ती किया गया है। उनके ब्रेन में इंफेक्शन होने की बात सामने आ जा रही है, लेकिन मंगलवार सुबह उनके ब्रेन की सीटी स्कैन की गई। सीटी स्कैन में इंफेक्शन या किसी तरह की परेशानी की बात सामने नहीं आई है। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने उनकी एमआरआई कराने का फैसला किया है। एम्स से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिह रावत ने भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है।

इससे पहले प्रशासन ने मातृसदन को दो दिन पहले उनके खराब स्‍वास्‍थ्‍य की बात कहते हुए उनको भर्ती कराने की सलाह दी थी। साध्‍वी की खराब स्वास्थ्य को देखते हुए सुबह उनको हरिद्वार में एक निजी क्‍लीनिक में ले गए, वहां उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए डाक्‍टरों ने एम्‍स ऋषिकेश या हिमालयन हास्पिटल ले जाने की सलाह दी थी। लेकिन उस वक्त मातृसदन के संतों ने ऐसा करने से इन्‍कार कर दिया था। इसके बाद Sadhvi Padmavati को दिल्‍ली एम्‍स ले जाने पर सहमति जताई थी। Sadhvi Padmavati 15 दिसंबर से गंगा रक्षा से जुडी छह मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं।

इससे पहले 31 जनवरी को Sadhvi Padmavati को पुलिस ने देर रात जबरन उठाकर दून अस्पताल में भर्ती कराया था। उस वक्त उनके अनशन का 47वां दिन था।तब उनको भर्ती करवाने को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। मातृ सदन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, एसडीएम कुसुम चौहान, सीएमओ डॉ सरोज नैथानी, लक्सर के एसडीएम सुनैना राणा और थानाध्यक्ष के खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई गई थी। वहीं उस समय Sadhvi Padmavati का कहना था कि प्रशासन को जो भी उपचार देना है मातृ सदन में देना होगा। वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी।

Posted By: Yogendra Sharma