School Re opening : स्‍कूल कब खुलेंगे, यह सवाल इस समय शिक्षा जगत और अभिभावकों के लिए सबसे अहम विषय बना हुआ है। पूरे देश भर में स्‍कूल 6 महीने से बंद हैं और निकट भविष्‍य में कब खुलेंगे, इसे लेकर लगातार मंथन जारी है। हालांकि जिस प्रकार से कोरोना का संक्रमण बढ़ चुका है, ऐसे में कोई सूरत नज़र नहीं आती कि सब कुछ आसानी से पटरी पर आ सकेगा। सोशल मीडिया पर जारी अटकलों व अफवाहों के बीच शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि स्कूलों को खोलने के संबंध में फिलहाल कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण ज्यादातर राज्य स्कूल खोलने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, सरकार उच्चतर माध्यमिक की कुछ कक्षाओं को सितंबर के आखिर या अक्टूबर से शुरू करने की संभावनाओं पर विचार जरूर कर रही है, लेकिन इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

विभागीय सूत्र के अनुसार, "अभी कोई समय सीमा नहीं तय की गई है, क्योंकि यह निर्णय पूरी तरह कोरोना संक्रमण की महामारी की स्थितियों पर निर्भर करेगा। एक केंद्रशासित प्रदेश को छोड़कर कोई अन्य राज्य या केंद्रशासित प्रदेश निकट भविष्य में स्कूल खोलने के पक्ष में नहीं है। उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं को सितंबर के आखिर में शुरू किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा था, लेकिन उसके संबंध में कोई निर्णय नहीं हुआ है। जब भी कोई निर्णय होगा तो केंद्र केवल एडवाइजरी जारी करेगा और राज्यों को उनके जिलों में कोरोना संक्रमण की महामारी को देखते हुए निर्णय लेना होगा।"

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सरकार ने 16 मार्च को देशभर के स्कूलों व विश्वविद्यालयों को बंद करा दिया था। इसके बाद 24 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। अब धीरे-धीरे लॉकडाउन में छूट तो दी जा रही है, लेकिन स्कूलों व कॉलेजों पर पाबंदी अब भी जारी है। पिछले महीने शिक्षा मंत्री ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र जारी कर छात्रों के परिजनों से यह फीडबैक मांगने को कहा था कि उन्हें अगस्त, सितंबर या अक्टूबर में से किस महीने से स्कूल खोले जाने पर सुविधा होगी।

यूजीसी ने कहा, अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं तो डिग्री को मान्यता नहीं

विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र के फैसले को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सुप्रीम कोर्ट में गलत बताते हुए इसे नियमों का उल्लंघन बताया है। साथ ही कहा है कि यदि छात्रों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं कराई गईं तो उनकी डिग्रियों को मान्यता नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी का पक्ष सुनने के बाद मामले की सुनवाई 14 अगस्त तक के लिए टाल दी है।

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट से यह जानकारी भी साझा की कि देश के ज्यादातर विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने को तैयार हैं। साथ ही बताया कि बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करा भी चुके हैं। ऐसे में यदि कोई राज्य परीक्षाएं नहीं कराता है तो इससे शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। यूजीसी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की स्थिति के मद्देनजर विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है।

Posted By: Navodit Saktawat

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