Smart Meter for Electricity: सरकार ने नए स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर लगाने का फैसला किया है। इन मीटर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि बिजली का बिल नहीं भरने पर अपने-आप बिजली कट जाएगी। इस संबंध में नियम भी बदले जा रहे हैं और बिक चुकाए जाने के बाद ही बिजली बहाल हो पाएगी। यदि घर या ऑफिस में निश्चित सीमा से ज्यादा बिजली जा रही है और मीटर पर लोड ज्यादा पड़ रहा है तो भी बिजली कट जाएगी। लोड कंट्रोल होने के बाद ही आपूर्ति बहाल हो पाएगी। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह ने यह जानकारी दी है।

आरके सिंह के अनुसार, सरकार ने इस दिशा में पूरी तैयारी कर ली है। एक इवेंट में यह जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया, अभी स्मार्ट मीटर नेशनल प्रोग्राम (एसएमएनपी) के तहत 10 लाख मीटर स्वीकृत किए गए हैं। अगले चरण में बाकी मीटर लगाने का काम होगा। ये मीटर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और बिहार में लगाए जाएंगे।

स्मार्ट मीटर से होंगे ये फायदे

सरकार के मुताबिक, उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम सुधरेगा। यह योजना एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेस लिमिटेड के जरिए लागू की जा रही है।

प्रीपेड और पोस्टपेड सुविधा उपलब्ध

इस योजना के तहत ग्राहकों को मोबाइल सर्विस की तर्ज पर प्रीपेड और पोस्टपेड सुविधा दी जाएगी। अपनी जरूरत के हिसाब से ग्राहक 50 रुपए से लेकर इससे ऊपर तक के पैक का रिचार्ज करवा सकेगा। स्मार्ट मीटर की एक और बड़ी सुविधा यह होगी कि इन्हें जरूरत के मुताबिक बंद या चालू किया जा सकेगा।

कोई नहीं आएगा मीटर रीडिंग लेने

बिजली के मीटर आधुनिक हुए हैं, लेकिन अब भी मैन्युअल मीटर रीडिंग का काम जारी है। नए स्मार्ट मीटरों से यह समस्या भी खत्म हो जाएगी। बिजली ऑफिस से मीटर की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। कंपनी के सिस्टम से रीडिंग जनरेट होकर उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल पर भेज दिया जाएगा।

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