सीडीएस बिपिन रावत की आज तमिलनाडु के कुन्नूर जिले में हेलीकाप्टर हादसे में मौत हो गई। इससे पूरे देश में शोक है। बता दें कि सीडीएस बिपिन रावत उत्‍तराखंड के पौड़ी जिले के द्वारीखाल विकासखंड की ग्रामसभा बिरमोली के तोकग्राम सैणा के मूल रूप से रहने वाले थे। वह तीसरी पीढ़ी के थे जिन्‍होंने देश की सेवा की और देश प्रथम सीडीएस बने। जनरल बिपिन रावत के चाचा भरत सिंह रावत ने बताया कि जनरल रावत के पिता लक्ष्मण सिंह रावत सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे और सेना में उन्हें डिप्टी चीफ आफ आर्मी स्टाफ बनाया गया था। वहीं उनके दादा भी ब्रिटिश आर्मी में सूबेदार पद पर थे। जनरल बिपिन रावत की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून से हुई। सैन्य परिवार से जुड़ा होने के कारण उनमें बचपन से ही सेना में जाने की इच्छा थी। जनरल रावत के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है। सीडीएस बिपिन रावत को भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में दिसंबर 1978 में पासिंग आउट परेड में स्वार्ड ऑफ ऑनर के प्रतिष्ठित एवार्ड से नवाजा गया। पहले इनका परिवार रुड़की में रहता था, अब वे नोएडा शिफ्ट हो गए हैं।

एक नजर

नाम: सीडीएस विपिन सिंह रावत

पिता का नाम: ले. जनरल लक्ष्मण सिंह रावत (सेवानिवृत), डिप्टी आर्मी चीफ

ग्राम: सैणा, डाडामंडी, ब्लॉक: द्वारीखाल, पौड़ी गढ़वाल

Posted By:

  • Font Size
  • Close