टॉप न्यूज 26 नवंबर: देश में कोरोना महामारी काबू होती दिख रही है, लेकिन छोटी-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। कर्नाटक से आ रही खबर यही सबक देती है। धारवाड़ में एसडीएम कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के परिसर के अंदर आयोजित एक फ्रेशर्स पार्टी में भाग लेने के बाद मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों सहित लगभग 182 लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश संक्रमितों को कोरोना का दूसरा टीका लग चुका है। इनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। कुछ दिनों पहले आयोजित की गई पार्टी में लगभग 200 छात्रों ने भाग लिया था।

टॉप न्यूज 26 नवंबर: पढ़िए देश-दुनिया की अन्य बड़ी खबरें

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट

शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई। प्री-ओपनिंग में 860 से अधिक लुढ़कने के बाद सुबह 9.40 बजे बीएसई में 743 अंकों की गिरावट रही और यह 58,063 के स्तर पर रहा। वहीं निफ्टी में भी 214 अंकों की गिरावट के साथ 17322 पर ट्रेडिंग हुई। माना जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका में कोरोना महामारी का नया रूप में मिलने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप है और शेयर बाजार की गिरावट उसी का असर है। मेटल और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। केवल डॉ रेड्डीज हरे निशान के साथ ऊपर था, जबकि अन्य 29 स्टॉक लाल रंग में नीचे थे। मारुति सुजुकी इंडिया 2.3% नीचे था, इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी थे। (अपडेट खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

खिलौना उद्योग के नियमन पर बीआइएस ने की चर्चा

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) ने देश में खिलौना उद्योग को नियमन के दायरे में लाने के महत्व पर चर्चा की। इसका मकसद देश में बिक रहे खिलौनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। एक आधिकारिक बयान में बीआइएस ने कहा कि "आजादी का अमृत महोत्सव" के तहत एक वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसमें खिलौनों की गुणवत्ता और परीक्षण सुरक्षा के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सितंबर में ईएसआइसी से जुड़े 13.37 लाख नए सदस्य

नई दिल्ली : इस वर्ष सितंबर में कर्मचारी राज्य बीमा आयोग (ईएसआइसी) की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से कुल 13.37 लाख नए सदस्य जुड़े। उससे पहले अगस्त में इससे 5,000 अधिक सदस्य ईएसआइसी से जुड़े थे। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार बीते वित्त वर्ष में ईएसआइसी से सकल रूप से 1.15 करोड़ नए सदस्य जुड़े। उससे पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 1.51 करोड़ थी।

सिनगैस परियोजना को अलग इकाई को सौंपेगी रिलायंस

नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) ने कहा है कि वह जामनगर (गुजरात) स्थित सिनगैस परियोजना को अलग कर अपनी एक सहायक शाखा को सौंपेगी। इसका उद्देश्य सिनगैस परियोजना का उचित मूल्यांकन करना है। सिनगैस का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है। किसी भी ठोस हाइड्रोकार्बन ईंधन के गैसीकरण के माध्यम से इसका निर्माण होता है। यह हाइड्रोजन, कार्बन मोनोक्साइड और कार्बन डाई-आक्साइड का मिश्रण होता है।

Posted By: Arvind Dubey