One Nation, One Pay Day: केंद्र सरकार औपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के हित में 'वन नेशन, वन पे डे' (One Nation, One Pay Day) सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रही है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। संतोष गंगवार ने कहा कि पूरे देश में एकसमान व्यवस्था होनी चाहिए, जिसके तहत हर सेक्टर में सभी वर्ग के कर्मचारियों और मजदूरों को एक ही दिन वेतन का भुगतान हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चाहते हैं कि इस बाबत कानून जल्द तैयार होकर पास हो जाए।

गंगवार ने कहा कि सरकार 'यूनिफॉर्म मिनिमम वेज प्रोग्राम' (Uniform Minimum Wage Program) लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि मजदूरों की जिंदगी में सुधार लाया जा सके।' उन्होंने कहा कि सरकार व्यावसायिक सुरक्षा, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड (ओएसएच) और 'कोड ऑन वेजेज' लागू करने पर काम कर रही है। संसद से कोड ऑन वेजेज को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और अब इसके नियमों पर काम चल रहा है।

ओएसएच में 13 श्रम कानून समाहित

हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड लोकसभा में 23 जुलाई 2019 को पेश किया गया था। इस कोड को 13 श्रम कानूनों को मिलाकर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा इसमें कई और प्रावधानों जोड़े गए हैं। मसलन, हर कर्मचारी को अपॉइंटमेंट लेटर और सालान फ्री मेडिकल चेकअप जैसे प्रावधान इसमें जोड़े गए हैं।

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मूडीज का अनुमान, देश में बेरोजगारी बढ़ी

इससे पहले मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की अनुमानित आर्थिक वृद्घि दर 5.8 से घटाकर 5.6 प्रतिशत कर दिया है। मूडीज ने गुरूवार को कहा कि जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्घि दर में कमी उम्मदी के विपरीत लंबे समय तक खींच गई है। इसके कारण उसे अनुमान कम करना पड़ा।

कुछ ही दिन पहले मूडीज ने भारत का क्रेडिट रेटिंग आउटलुक 'स्टेबल' से घटाकर 'निगेटिव' कर दिया था। क्रेडिट रेटिंग और रिसर्च सर्विस देने वाली कंपनी ने कहा, 'हमने भारत के लिए आर्थिक वृद्घि का अनुमान घटाया है। हमारा अनुमान है कि 2019-20 में यह 5.6 फीसदी रहेगी, जो 2018-19 में 7.4 फीसदी थी।'

2018 के मध्य से धीमी पड़ी ग्रोथ

मूडीज के मुताबिक भारत की आर्थिक वृद्घि दर 2018 के मध्य से ही धीमी पड़ती जा रही है। बीते वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ रेट करीब 8 फीसदी से घटकर 5 प्रतिशत रह गई। देश में बेरोजगार बढ़ रही है। मूडीज के अनुसार निवेश गतिविधियां पहले से धीमी हैं, लेकिन जोरदार खपत की बदौलत अर्थव्यवस्था में तेजी बनी हुई थी। हालांकि अब खपत भी कम हो गई है, जिससे के कारण हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

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Posted By: Nai Dunia News Network