Ayodhya assembly seat: भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 91 और विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। इस लिस्ट में इलाहाबाद और अयोध्या जैसी प्रमुख सीटों के प्रत्याशियों के नाम हैं। अयोध्या से वेद प्रकाश गुप्ता को टिकट दिया गया है। यह सीट इस बार इसलिए बहुत अहम है क्योंकि राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। पहले कहा गया था कि भाजपा यहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि बाद में योगी को गोरखपुर सदर से टिकट दिया गया। बहरहाल, 91 नामों की लिस्ट में इलाहाबाद पश्चिम से सिद्धार्थनाथ सिंह और इलाहाबाद दक्षिण से नंंदकुमार गुप्ता नंदी को मैदान में उतारा गया है।

Ayodhya assembly seat: जानिए किस पार्टी ने किसे दिया टिकट

  • भाजपा: वेद प्रकाश गुप्ता
  • सपा: पवन पांडेय ( तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय अखिलेश यादव की सरकार में 2012 से लेकर 2017 तक मंत्री भी रह चुके हैं। इस दौरान वे अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं. 2017 में भाजपा के वेदप्रकाश गुप्ता ने पांडेय को अयोध्या सीट से ही चुनाव हराया था।)
  • कांग्रेस: अखिलेश यादव

आजमगढ़: तीन पुराने चेहरों पर भरोसा

भाजपा ने आजमगढ़ में छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए। गोपालपुर से सत्येंद्र राय, आजमगढ़ से अखिलेश मिश्र, निजामाबाद से मनोज यादव, दीदारगंज से कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा, लालगंज से नीलम सोनकर, मेंहनगर से मंजू सरोज। अखिलेश मिश्र गुड्डू, कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा दो पुराने चेहरे हैं। जबकि 2017 में मेंहनगर से भाजपा एवं सुभासपा गठबंधन में सुभासपा की प्रत्याशी रहीं मंजू सरोज अबकी भाजपा का चेहरा बनी हैं। खास बात यह है कि भाजपा ने अपनी इकलौती सीट फूलपुर-पवई से उम्मीदवार किसी को नहीं बनाया है। यहीं से सपा ने एक दिन पूर्व भाजपा के सीटिंग एमएलए अरुणकांत के पिता रमाकांत यादव को टिकट दिया है। नीलम सोनकर पहली बार विधायकी लड़ेंगी, इससे पूर्व वह लालगंज सुरक्षित सीट से 2014 में भाजपा से सांसद चुनी गईं थीं। ये वर्तमान में भाजपा संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाले हुईं हैं।

यूपी में भाजपा का चुनाव प्रचार जोरों पर, शाहजहांपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पार्टी कार्यालय पहुंचे हैं। वहां प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक शुरू हुई है। तीन बजे से गांधी भवन में प्रबुद्ध जन से संवाद करेंगे। इसके बाद जन संपर्क के लिए कुछ घरों में जा सकते हैं।

Posted By: Arvind Dubey