दिल्ली के सिंघू बार्डर पर कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों ने रविवार को लुधियाना के कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू का जोरदार विरोध किया। जैसे ही बिट्टू सिंघू सीमा पर लोगों की संसद में शामिल होने के लिए पहुंचे, किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया। भीड़ ने उनके खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध करने वालों ने उनकी कार पर हमला कर दिया और विंडस्क्रीन तोड़ डाली। हमले में उनकी पगड़ी भी उतार दी गई। बड़ी मुश्किल से बिट्टू भीड़ से बाहर निकले। बिट्टू के अलावा सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक कुलबीर सिंह जीरा और अन्य कांग्रेस नेता भी किसानों के निशान पर आए। तीखा विरोध देख किसी तरह वे बाहर निकले। बाद में मीडिया को उन्‍होंने बताया, हम किसान नेताओं की बैठक में भाग लेने गए थे। वे हम पर घात लगाए बैठे थे, मानो योद्धा जो लाठी और अन्य हथियारों से लैस हों। हम अब कोई कदम नहीं उठाने जा रहे हैं क्योंकि किसानों के आंदोलन अभी भी जारी है। मैं लगातार कह रहा हूं कि इस आंदोलन में शरारती तत्वों, खालिस्तानी झंडे ले जाने वाले लोग शामिल हैं। लेकिन किसान नेता इतनी संख्या में लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए क्या कर सकते हैं। ऐसे तत्वों को झंडे लहराने के लिए 1 करोड़ 80 लाख रुपये दिए जाते हैं और मैं वैसे भी उनके लिए महज एक टारगेट हूं।

Posted By: Navodit Saktawat

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags