लखनऊ। कानपुर को बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के दोषी और पांच लाख के इनामी बदमाश विकास दुबे की तलाश के दौरान पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से प्रभात मिश्रा को गिरफ्तार किया था। अगले दिन कानपुर लाए जाने के दौरान पनकी के पास पुलिस ने उसका एनकाउन्टर कर दिया था। उसके परिवार ने दावा किया है कि वह नाबालिग था और मुठभेड़ के महज 10 दिन पहले ही उसने फर्स्ट डिवीजन में 12वीं की कक्षा पास की थी।

प्रभात की मां ने कहा कि उसने यूपी बोर्ड से 29 जून को कक्षा 12वीं की परीक्षा पास की थी। उनके आधार कार्ड और कक्षा 10 की मार्कशीट के अनुसार, उनका जन्म 27 मई 2004 को हुआ था। लिहाजा, उसकी उम्र महज 16 साल थी और वह नाबालिग था।

मां ने कहा था कुछ दिनों के लिए गांव छोड़ दे

मिश्रा की मां गीता ने बताया कि बिकरू में हुए हत्याकांड के बाद उन्होंने अपने बेटे को कुछ दिनों के लिए गांव छोड़ने के लिए कहा था। उस रात के बाद उसने कहा कि पुलिस आई और उसका मोबाइल फोन छीन ले गई। उसने कहा कि उसे प्रभात का फोन नंबर याद नहीं था और इस वजह से वह प्रभात से संपर्क भी नहीं कर पाई। उसे उसे 9 जुलाई को अपने बेटे की गिरफ्तारी का पता चला। गीता ने कहा कि वह उन दो लोगों को नहीं जानती है, जिनके बारे में पुलिस ने कहा था कि वे गिरफ्तारी के दौरान प्रभात के साथ थे। उन्होंने कहा कि परिवार का फरीदाबाद में कोई रिश्तेदार नहीं था।

पुलिस ने बेटे को झूंठा फंसाकर मार दिया

कुछ ही घंटों बाद गीता को मीडिया से पता चला कि उसके बेटे का पुलिस ने एन्काउंटर कर दिया है। गीता ने कहा कि यह "हत्या" थी। उसने कहा कि उसे पुलिस ने बताया गया था कि 3 जुलाई को उसकी छत से गोलीबारी हुई थी। गीता ने कहा कि उसे सच्चाई नहीं पता, क्योंकि उसने किसी को अपने घर में नहीं घुसने दिया था। उसका मानना ​​है कि पुलिस ने उसके बेटे को इसलिए मार डाला क्योंकि अपराधियों ने उसकी छत का इस्तेमाल किया था। उसे अब अपने पति की सुरक्षा का डर है। गीता ने कहा कि उनके पति राजेंद्र कुमार पुलिस के डर से गोलीबारी के बाद से घर लौटे हैं।

गीता ने अपने बेटे की कक्षा 10 की मार्कशीट दिखाई, जिसमें उसने 78 फीसदी अंक हासिल किए थे। परिवार ने कहा कि वह एक अच्छा छात्र था, और उसने कक्षा 12 की परीक्षा भी 61 फीसदी नंबरों से पास की थी। उसने कहा कि प्रभात मिश्रा ने श्री बजरंग हायर सेकेंडरी स्कूल से अभी तक अपनी 12वीं की मार्कशीट भी नहीं उठाई थी। गीता ने कहा कि उसका बेटा प्रभात भी वायु सेना में शामिल होना चाहता था। मां ने सवाल किया कि इतने अच्छे अंक लाने वाला बच्चा आपराधिक गतिविधियों में शामिल होगा? उसने कहा कि पुलिस ने उसे झूठा दोषी ठहराया है।

बेटी बोली- पिता को भी फंसा रही है पुलिस

प्रभात मिश्रा की बड़ी बहन हिमांशी ग्रेजुएशन कर चुकी है और अब एक बुनियादी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के लिए अध्ययन कर रही है। उसने बताया कि पुलिस अब उसके पिता को भी फंसाने की कोशिश कर रही है। हिमांशी ने कहा कि हमें पता चला था कि शशिकांत नाम का एक शख्स कह रहा है कि उसके पिता भी बिकरू गांव में हुए हत्याकांड में शामिल थे। बताते चलें कि शशिकांत भी बिकरू गांव का रहवासी है, जिसे 3 जुलाई को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। गोलीबारी के समय हिमांशी एक रिश्तेदार के घर पर थी।

आईजी रेंज ने बताई थी यह कहानी

कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने कहा कि उन्हें प्रभात मिश्रा की उम्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने 8 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था और उसके पास से पिस्तौल बरामद की थी, जिनका इस्तेमाल चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए हत्याकांड में किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि मिश्रा को फरीदाबाद में ठहराया गया था और फरीदाबाद पुलिस ने कहा था कि मिश्रा की उम्र 19 थी।

अग्रवाल ने कहा कि दुबे अपने गिरोह के युवाओं को आतंकवादियों से प्रभावित कर रहा था। उन्होंने बताया कि जब 9 जुलाई को मिश्रा को फरीदाबाद से कानपुर लाया जा रहा था, तो कानपुर के पनकी के पास पुलिस की गाड़ी पंचर हो गई। इस दौरान प्रभात मिश्रा ने एक सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीन ली और भागने की कोशिश की। उसने पुलिसकर्मियों पर गोलियां चलाईं और यूपी पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें वह मारा गया।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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