नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने करीब चार करोड़ सदस्यों और 50 लाख पेंशनरों के लिए आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। सदस्यों और पेंशनरों को एक महीने के भीतर आधार नंबर देना होगा या फिर आधार के लिए आवेदन करने का प्रमाण देना होगा।

ईपीएफओ के केंद्रीय आयुक्त वी. पी. जॉय ने बताया कि सदस्यों और पेंशनरों को सेवाएं हासिल करने के लिए 31 जनवरी तक आधार नंबर या इसके लिए आवेदन करने की स्लिप देनी होगी। हम इस महीने के अंत में समीक्षा करेंगे और आवश्यकता हुई तो इसके लिए समय बढ़ाया जाएगा। ईपीएफओ ने पूरे देश में सभी 120 फील्ड ऑफिसों को इस अभियान का प्रचार करने का निर्देश दिया ताकि सेवायोजको के बीच जागरूकता लाई जा सके।

इसके संबंध में श्रम मंत्रलय ने अधिसूचना जारी की है। हर महीने केंद्र सरकार सभी सदस्यों के पेंशन खाते में 1.16 फीसद अंशदान देती है जबकि 8.33 फीसद अंशदान सदस्यों को करना होता है। चूंकि सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्यों को सब्सिडी दे रही है। इसलिए आधार एक्ट 2016 के तहत आधार नंबर देना अनिवार्य है।

श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से 4 जनवरी 2017 को जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस), 1995 के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पेंशनरों और इसके मौजूदा सदस्यों के लिए आधारकार्ड प्रस्तुत करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि इसका फायदा वो लोग भी उठा पाएंगे जिन्होंने खुद को आधार कार्ड के लिए एनरोल्ड तो करा दिया है लेकिन उन्हें अभी आधार कार्ड मिला नहीं है, वो अपनी आधार आईडी दिखाकर ऐसा कर सकते हैं।

वो सदस्य और पेंशनर जिन्होंने अभी तक खुद को आधार नंबर के लिए एनरोल्ड नहीं कराया है, उन्हें हर हाल में 31 जनवरी 2017 से पहले अपने नजदीकी एनरोलमेंट सेंटर जाकर खुद को एनरोल्ड करवाना होगा। किसी सूरत में अगर अगर आपके आस-पास एनरोलमेंट सेंटर नहीं है तो ईपीएफओ के लिए यह जरूरी है कि वो उक्त स्थान पर एनरोलमेंट फैसिलिटी उपलब्ध करवाए।