जोधपुर, 25 जून। जोधपुर के माचिया सफारी पार्क में सलीम नाम के पैंथर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई । सलीम को वर्ष 2010 में गुजरात के जूनागढ़ से लाया गया था। माचिया पार्क में 19 साल के सलीम की यकायक तबियत बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। अब माचिया पार्क में उसकी बेटी सोनू मादा पैंथर बची है। इसके अलावा दो मेल पैंथर भी है। माचिया पार्क से जुड़े वेटनरी डॉक्टर श्रवणसिंह राठौड़ का कहना है कि सलीम बेहद शांत रहता था, वह कभी भी आक्रामक नहीं हुआ। वो दर्शकों के साथ भी काफी मित्रवत व्यवहार करता था । बरसों तक सलीम के साथ जुड़े रहे डॉ राठौड़ के अनुसार जब सलीम को जूनागढ़ से लाया गया था, उस समय यह आठ वर्ष का था।

माचिया पार्क में बचे दो और पैंथर

सलीम की मौत के बाद माचिया सफारी पार्क में नाना और बेड़ा नाम के दो पैंथर और हैं वहीं मादा पैंथर सोनू भी है। करीब तीन वर्ष पूर्व डॉ. राठौड़ पाली जिले के नाना-बेड़ा क्षेत्र की पहाड़ियों से पैंथर के तीन बच्चों को बचा कर लाए थे । इनकी मां इन्हें छोड़कर चली गई थी। एक बच्चे की रास्ते में ही मौत हो गई, लेकिन शेष दोनों को डॉ. राठौड़ ने पाल-पोसकर बड़ा किया। जिसके बाद इन शावकों का नाम नाना और बेड़ा रखा गया था। आपको बता दें कि माचिया में शेर व पैंथर को रखने के सारे पिंजरे भरे हुए हैं।

पर्यटकों के लिए खुला पार्क

वहीं शुक्रवार से माचिया बायोलॉजिकल सफारी पार्क समेत प्रदेश के तमाम जू और पार्क को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। गए है। ताजा आदेश के तहत कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए सफारी पार्क को आज से खोला गया। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा सप्ताह में एक दिन रविवार को लागू कर्फ्यू के दिन ये बंद रहेंगे। वैसे, माचिया बायोलॉजिकल पार्क मंगलवार को भी बंद रहता है।

Posted By: Shailendra Kumar

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