नरेन्द्र शर्मा,जयपुर। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान में भी सीबीआइ की कार्यवाही पर रोक लगाई जा सकती है । राजस्थान सरकार तीन अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रदेश में जांच करने और छापा मारने के लिए सीबीआइ को दी गई सामान्य सहमति वापस लेने पर विचार कर रही है। गहलोत सरकार चाहती है कि उसकी सलाह से ही सीबीआइ प्रदेश में कोई कार्रवाई करे ।

सरकार का विचार है कि यदि प्रदेश में तैनात केंद्र सरकार के किसी अधिकारी के खिलाफ कोई जांच शुरू करने हो या छापा मारना हो तो भी राज्य सरकार से मंजूरी लेना अनिवार्य की जाए। क्योंकि, सरकार चाहती है कि बदले की भावना से कोई कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विपक्ष में रहते हुए भी केंद्र सरकार पर सीबीआइ, ईडी सहित अन्य जांच एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। सत्ता संभालने के बाद भी गहलोत ने अपना यह रूख कायम रखा है । वह कई बार इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेर चुके हैं।

अन्य राज्यों के आदेश का अध्ययन कर रहे अधिकारी राज्य सरकार के गृह विभाग में तैनात एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी ने बताया कि सीबीआइ की कार्यवाही पर रोक लगाने को लेकर आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के आदेशों की जानकारी करवाई जा रही है । इन आदेशों का अध्ययन करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गृह विभाग और पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारी अत्यंत गोपनीय ढंग से इस पूरे मामले को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। गृह विभाग के अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री चाहते हैं कि बदले की भावना से कोई काम नहीं होना चाहिए। वह पारदर्शिता के साथ संवेदनशीलता भी चाहते हैं। इस बारे में अधिकारिक रूप से फिलहाल कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन दबे स्वर में सरकार की मंशा को स्वीकारते हैं।