जोधपुर। एयर मार्शल एस के घोटिया विशिष्ठ सेवा मेडल ने दक्षिण पश्चिम वायु कमान की वायु अफ़सर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कमान संभाली। इस मौके पर उन्होंने गॉर्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। सेना के जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी अनुसार एयर मार्शल एस के घोटिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र रहे हैं। दिसंबर 1981 में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रान्च में बतौर फाइटर पायलट कमीशन हुए। गत तीन दशकों की सेवा में बतौर क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर रहे हैं।एयर मार्शल ने विभिन्न नियुक्तियों में योगदान देते हुए फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग अफ़सर, चीफ ऑपरेशन अफ़सर तथा दक्षिण पश्चिम वायु कमान में फार्वर्ड एयर बेस के स्टेशन कमांडर रहे। वर्तमान पद ग्रहण करने से पूर्व आप प्रशिक्षण कमान मुख्यालय के वायु अफ़सर कमांडिंग-इन-चीफ रहे।

इसके साथ ही वायु सेना मुख्यालय के इन्टेलिजेन्स निदेशक, पश्चिमी एयर कमान के ऑप्स 1ए, वायु सेना मुख्यालय के चीफ ट्रेनिंग डायरेक्टर(फ्लाइंग), पेरिस में भारत के दूतावास में एयर अटैचे, कोबरा ग्रुप के वायु अफ़सर कमांडिंग, वायु सेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (इन्टेलिजेन्स) तथा प्रशिक्षण कमान मुख्यालय के वरिष्ठ वायु स्टाफ के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

एयर मार्शल एस के घोटिया ने 1 मई को प्रशिक्षण बलों की कमान संभाली थी। उन्हें मंगलवार से दक्षिण पश्चिमी वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ का पद संभालने के लिए नियुक्त किया गया है।

सोमवार की सुबह, एयर मार्शल ने मुख्यालय प्रशिक्षण कमान में युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और अपनी नियुक्ति से पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र, घोटिया को दिसंबर 1981 में एक लड़ाकू पायलट के रूप में नियुक्त किया गया था। भारतीय वायुसेना के अनुसार, वह एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर है, जिसके पास लड़ाकू और ट्रेनर विमान और लगभग 3,000 घंटे का अनुभव है।

दपवाक के नए एयर अफसर कमांडिग इन चीफ के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी लेते एस के घोटिया।

Posted By: Navodit Saktawat