नईदुनिया ब्यूरो, जयपुर। सर्दियों के मौसम में राजस्थान के विभिन्न जिलों में दुनिया भर से आने वाले प्रवासी पक्षियों पर इस बार बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि अभी तक किसी पक्षी की मौत की सूचना नहीं आई है, लेकिन आशंका को देखते हुए राजस्थान के पशुपालन विभाग और वन विभाग की 452 टीमें इन पर नजर रखे हुए हैं और इनके मल-मूत्र के सैंपल जालंधर और भोपाल भेजे गए हैं।

राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में सबसे ज्यादा प्रवासी पक्षी आते हैं। भरतपुर के घना पक्षी विहार, जयपुर की साम्भर झील, जोधपुर में फलौदी, खींचन और उदयपुर में फतेह सागर, पिछोला सहित विभिन्न स्थानों पर सैंकड़ों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। ये पक्षी यहां प्रजनन भी करते हैं। इन पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है और अब फरवरी अंत तक ये यहीं रहेंगे।

दिल्ली और अन्य पड़ोसी राज्यों में फैले बर्ड फ्लू को देखते हुए इस बार इन प्रवासी पक्षियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पॉल्ट्री फॉर्म्स पर भी विषेष नजर रखी जा रही है। पशुपालन और वन विभाग ने इन चारों जिलों सहित पूरे प्रदेश में रैपिड रेस्पांस टीमों का गठन किया है।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी पक्षी में कोई लक्षण नही दिखे हैं, लेकिन प्रवासी पक्षियों का आना अभी जारी है, ऐसे मे सतर्कता जरूरी है। सैंपल जालंधर और भोपाल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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