जयपुर। राजस्थान में बोरवेल ने एक और बच्चे की जान ले ली। सीकर जिले के नीमकाथना के दीपावास गांव में शुक्रवार शाम 400 फीट गहरे बोरवेल में गिरे दो वर्ष के आदर्श को गांव वालों ने जिंदा हालत में निकाल तो लिया और अस्पताल भी ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। राजस्थान में यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब बोरवेल के कारण बच्चे की मौत हुई है।

पिछले सप्ताह दौसा जिले में छह वर्ष की बच्ची कोमल बोरवेल के कारण मौत के मुंह में चली गई थी।

दीपवास गांव में शुक्रवार को बोरवेल में गिरे आदर्श की आवाजें आती रही। ये आवाजें आदर्श के परिजनों को ही नहीं किसी को भी रुला देने वाली थी। मौत के कुएं में गिरे आदर्श को बचाने के लिए तुरंत ही ग्रामीण अपने स्तर पर जुट गए। आदर्श करीब 40 फीट पर फंसा हुआ था। स्थानीय प्रशासन की ओर बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की और समय रहते ही करीब चार घंटे बाद बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया था।

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इसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। एंबुलेंस को बुलाया गया। एंबुलेंस से बच्चे को नीमकाथाना के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

आदर्श जिस बोरवेल में गिरा था वो खयालीराम के खेत में बना हुआ है। इसे दो दिन पहले ही खोदा गया था। पत्थर की जिस पट्टी से बोरवेल का ढका गया था वह टूटने के कारण आदर्श उसमें गिर गया।

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