जयपुर। जोधपुर के फलौदी में चिंकारा और अन्य पशुओं के कारण वायुसेना परेशान हो रही है। ये पशु यहां वायुसेना के बेस स्टेशन पर उतरने वाले फाइटर और कार्गो विमानों के लिए खतरा बन रहे हैं। वायुसेना के अधिकारियों ने इस बारे में राजस्थान के वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर इन पशुओं को यहां से हटाने में सहायता करने को कहा है।

चहारदीवारी बनाई लेकिन...

पाकिस्तान से लगती अंतररराष्ट्रीय सीमा के पास फालौदी के कुंडल गांव के पास वायुसेना के हवाई अड्डे के निर्माण के समय चहारदीवारी बना दी गई और पशुओं को बाहर भी कर दिया गया, लेकिन करीब दो दर्जन चिंकारा और इतने ही नीलगाय व अन्य पशु अंदर ही रह गए। अब इनकी संख्या काफी बढ़ गई है और यह अक्सर हवाई पट्टी के आस-पास घूमते दिख जाते हैं। इससे यहां उतरने वाले फाइटर और कार्गो प्लेन की लैंडिंग में काफी समस्या आती है।

पकड़ना आसान नहीं

वायुसेना के अधिकारियों ने अपने पत्र में कहा है कि वन विभाग इस मामले में तुरंत कार्रवाई करे क्योंकि ये पशु विमानों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। वन विभाग के लिए भी इन पशुओं को पकड़ना आसान नहीं है, क्योंकि चिंकारा की गति बहुत तेज होती है। नीलगाय पकड़ने की कोशिश करने पर तेजी से हमला करती है। हालांकि जोधपुर के वन अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि वे जल्द ही वायुसेना के अधिकारियों से मिलकर समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाएंगे।

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