जोधपुर। होमवर्क पूरा नहीं करने पर सजा के डर से छठी क्लास के एक छात्र ने अपने अपहरण की फर्जी कहानी बना दी। सच्चाई का पता तब चला जब पुलिस ने एक सड़क किनारे चाय की दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे जिसमें बच्चा आराम से बिना किसी चिंता के चलते हुए दिखा। बाद में अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी पुलिस को स्कूल प्रशासन ने बताया कि एक सप्ताह से छात्र ने अपना होमवर्क नहीं किया था। खुलासा हुआ कि होमवर्क न करने की सजा से बचने के लिए उसने अपहरण की झूठी कहानी सुनाई।

ये था मामला

लगभग दोपहर 1 बजे करीब पुलिस को सूचना मिली कि वरुण पब्लिक स्कूल के छठी के छात्र शिवम चतुर्वेदी की अपहरण की कोशिश की गई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 'उसकी कहानी के मुताबिक, जैसे ही वह स्कूल वैन से उतना और स्कूल गेट की तरफ बढ़ा, एक वैन पीछे से आई और एक शख्स ने उसके चेहरे को ढंककर उसे वैन में बैठाने की कोशिश की।'

उसने पुलिस को बताया कि उसने जैसे-तैसे हाथ में रेती ली और उनके चेहरे पर फेंक दी जिससे उनकी पकड़ कमजोर हुई और वह दूसरी दिशा में भाग खड़ा हुआ। उसने यह भी बताया कि दौड़ते हुए, उसने कुछ लोगों के दरवाजे भी खटखटाए वेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। तब उसने एक प्राइवेट गार्ड की मदद ली और पिता को कॉल किया।

बच्चे के बयान के इसी आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और जब शिवम के बताए कुछ जगहों के फुटेज चेक किए तो उसे बिना बैग के आराम से चलते हुए देखा गया। बच्चे के मुताबिक उसने बैग कहीं झाड़ी में फेंक दिया था। इस पर पुलिस ने स्कूल प्रशासन से बात की और तब टीचर ने बातों बातों में बताया कि उसने एक सप्ताह से अपना होमवर्क नहीं किया था और उसे मंगलवार को चेक करवाना था।

बाद में बच्चे ने माना कि वह स्कूल से दूर टहल रही थी। पुलिस को शिवम द्वारा बताए अपहरणकर्ताओं की कोई वैन फुटेज में नहीं दिखी।