जयपुर। केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि कांग्रेस की वोटबैंक और तुष्टीकरण की नीति ने कश्मीर को बर्बाद किया हैं। कांग्रेस की नीतियों के कारण ही पाकिस्तान को कश्मीर के जरिए भारत मे आतंकवाद पनपाने का मौका मिला।

नितिन गडकरी सोमवार को जयपुर में भाजपा के राष्ट्रीय एकता अभियान के तहत आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को एक देश एक संविधान विषय पर सम्बोधित कर रहे थे। गडकरी ने कहा कि आजादी के बाद पूरे देश की िरयासतों का मिलाने का काम सरदार पटेल ने किया, लेकिन जम्मू कश्मीर का मसला पंडित नेहरू ने अपने पास रखा और यही एक भूल हो गई। धारा 370 लागू करने का उस समय सभी बडे नेताओंने विरोध किया था। संविधान निर्माता अम्बेडकर भी इसके खिलाफ थे, लेकिन नेहरू ने सबको दरकिनार करते हुए यह धारा लागू कराई और अब इस 70 सालपुरानी समस्या को हमारी सरकार ने खत्म किया है।

गडकरी ने कहा कि धारा 370 ने कश्मीर का विकास रोक दिया था। केन्द्र से हजारों करोड रूप्ए वहां दिए, लेकिन वहां की गरीबी दूर नहीं हुई। इस पैसे का वहांसिर्फ दोराजनीति परिवारों ने फायदा उठाया और कश्म्ीर की जनता को अपने फायदे के लिए गरीब बनाए रखा। इस धारा के कारण भारत सरकार इस हद तक मजबूर थी कि वह इस गडबडी की जांच तकनहीं करवा सकती थी। गडकरी ने कहाकि भाजपा ने पहले दिन से इसका विरोध किया।हमारे नेता श्यामा प्रसादमुकर्जी ने कश्मीर के लिए अपनी जान दे दी। हम बचपन से इसका नारा सुनते आएहै और आज भाजपा ने वहां से धारा 370 और35 ए हटाकर मुकर्जी और हमारे सैंकडों कार्यकर्तओं, स्वयंसेवकों तथा सैनिकोंको श्रद्धांजली दी है। यह हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। अब हमारा नारा वो कश्मीरही नहीं आजाद कश्मीर भी हमारा है बन गया है।

अब कश्मीर में विकास के नए रास्ते खुलेंगे और वहां के लोगों को बेहतर जीवन मिल सकेगा। उन्होंने बतायाकि अकेला उनका मंत्रालय वहां 60 हजार करोड केकाम कराएगा। हम वहां के लधु उदयोंगों के लिएनई योजना ले कर आ रहे है। समारोह के विशिष्ट अतिथि सेना के पूर्व लेफिटनेट जनरल विश्वम्भर सिंह ने कहा कि जिस 370 को हटाने का निर्णय हुआ उस दिन आत्मा खुश हो गई। उन्होने कहा कि मेरी अधिकतर सेवा जम्मे कश्म्ीर में रही है और अब हमें पूरा भरोसा है कि वहां हमें शहीदों के सिर नहंीं गिनने पडेंगे। सम्मेलन को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और जयपुरके सांसद रामचरण बोहरा ने भी सम्बोधित किया।

Posted By: Navodit Saktawat