Corona Hotspot in Rajasthan : मनीष गोधा, जयपुर। राजस्थान के प्रवासियों को वापस लाने के मामले में काफी उत्साहित दिख रही राजस्थान सरकार के लिए प्रवासियों के कारण संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता का कारण बनते जा रहे है। यहां नौ दिन मे संक्रमित प्रवासियोंं की संख्या छह गुना तक बढ़ गई है। राजस्थान में गुरुवार दोपहर दो बजे तक कुल कोरोना के कुल एक्टिव केस 2566 थे और इनमें से 1099 प्रवासियों के थे। यानी कुल एक्टिव केस में से 42.82 प्रतिशत केस प्रवासियो के हैंं। राजस्थान के कुछ जिले तो ऐसे हैं जहां लगभग सभी एक्टिव केस प्रवासियों के ही हैंं। सरकार प्रवासियों के सख्त क्वारंटीन के दावे तो कर रही है, लेकिन इसका असर नजर नहीं आ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए प्रतिपक्ष भाजपा भी सरकार की तैयारियों पर सवाल उठा रही है।

राजस्थान में प्रवासियों के आगमन में पिछले एक सप्ताह में तेजी आई है। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और अन्य साधनों के जरिए बडी संख्या में प्रवासी राजस्थान आए हैं और अब ये अपने गृह जिलों में पहुंच रहे हैंं। इनके साथ ही इन जिलों मंे संक्रमित मरीजो की संख्या भी बढ रही है। प्रवासियों में संक्रमितों की संख्या इस तेजी से बढ़ रही है कि 13 मई को राजस्थान में 174 प्रवासी संक्रमित थे जो 21 मई को दोपहर दो बजे तक 1099 तक पहुंच गए। यानी सिर्फ नौ दिन में संक्रमित प्रवासियो की संख्या छह गुना तक बढ़ गई है।

स्थिति यह है कि कुछ जिलो में तो 90 से 100 प्रतिशत एक्टिव केस प्रवासियो के है। जैसे सीकर में सभी 55 एक्टिव केस प्रवासियों के है। वहीं सिरोही में 72 में से 69 केस प्रवासियो के है। इसी तरह नागौर में 90 में से 77, जालौर में 124 में से 120, जैसलमेर में 26 में से 25, डूंगरपुर में 258 में से 256, चूरू में 37 एक्टिस केस में 35 प्रवासियों के है। इनमें से चूरू, सिरोही, जालौर जिले तो ऐसे है, जहां प्रवासियों के आने से पहले या तो एक्टिव केस खत्म हो चुके थे या थे ही नहीं। प्रवासियों के बढते मामलो के चलते राजस्थान की रिकवरी रेट भी जो कुछ दिन पहले तक 58 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, वह 55 प्रतिशत रह गई है।

सरकार के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भी मानते हैं कि बाहरी राज्यों से प्रवासियों के आने के बाद गांवों तक कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ गई है। उनका कहना है कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति के लिए क्वारंटीन अनिवार्य है। यदि कोई इसका पालन नहीं करेगा तो उसे संस्थागत क्वारंटीन में भेजा जाएगा।

उधर प्रतिपक्ष भाजपा सरकार की तैयारियों पर सवाल उठा रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि सरकार की कोई तैयारी ही नहीं है। सरकार को आने वालो की स्क्रीनिंग, सैम्पलिंग और क्वारंटीन पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सरकार अपनी नेता प्रियंका गांधी को खुश करने के लिए बसों की राजनीति कर रही है। प्रवासियो को लाने में भी सरकार की रूचि नहीं है, क्योंकि केन्द्र सरकार से ट्रेनों की मांग ही नहीं की जा रही है।

Posted By: Navodit Saktawat

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