रंजन दवे, जोधपुर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारतीय सेना और एयरफोर्स ने प्रशासन के साथ मिलकर मोर्चा संभाल लिया है। ईरान से एयर इंडिया के दो विमान रविवार सुबह 236 भारतीय नागरिकों को लेकर जैसलमेर पहुंचे। जैसलमेर एयरपोर्ट पर सभी की स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सभी को सैन्य क्षेत्र में बनाए क्वारैंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। यहां इन्हें जांच के लिए 14 दिन तक रखा जाएगा। जैसलमेर में 1000 लोगों की क्षमता वाला सेना का नया क्वारैंटाइन सेंटर बनाया गया है। कोरोनावायरस संक्रमण फैलने के बाद ईरान से तीसरी बार भारतीयों को निकाला गया है।

भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा के समय नागरिकों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए भारतीय सेना और एयरफोर्स प्रशासन के साथ सहयोग कर रही है। जैसलमेर समेत अन्य शहरों में क्वारैंटाइन सेंटर तैयार किए गए हैं। भारत सरकार ने ईरान में फंसे 6 हजार नागरिकों को रेस्क्यू करने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत एयर इंडिया के दो विमान से सभी को सुबह जैसलमेर लाया गया। इसमें 100 पुरुष और 136 महिलाएं शामिल हैं। किसी भी नागरिक की रिपोर्ट में कोरोना वायरस की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है लेकिन एहतियात के तौर पर सभी को 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा जायेगा। यहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इनके सामान की भी स्क्रीनिंग की गई।

सेना की दक्षिणी कमान ने जोधपुर के अलावा तेलंगाना के सिकंदराबाद और तमिलनाडू के चैन्नई मिलिट्री स्टेशन पर भी आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। दो दिन बाद एक और विमान इतने ही यात्रियों को लेकर चैन्नई या सिकंदराबाद उतरेगा। ईरान में कोरोना वायरस से अब तक 324 लोगों की मौत हो चुकी है। वहां फंसे भारतीयों ने केंद्र सरकार से सुरक्षित निकालने की गुहार की थी।

Posted By: Yogendra Sharma