जयपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व नर्सिंग ट्यूटर महेश चंद शर्मा और उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित 4.75 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति अटैच की है। यह अटैचमेंट्स प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के प्रावधानों के तहत किया गया है।

ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि अटैच संपत्तियों में जयपुर में सांगानेर और दूदू तहसील में 1.69 करोड़ रुपए की कृषि भूमि और शहर के विभिन्न स्थानों पर 10 प्लॉट्स/फ्लैट शामिल हैं।

ईडी द्वारा जांच महेश चंद शर्मा और अन्य के खिलाफ जयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित थी।

महेश चंद शर्मा ने राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग में एसएमएस मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग ट्यूटर (नर्सिंग ग्रेड- 2) के रूप में काम किया था। वह नई दिल्ली में भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के सदस्य के रूप में भी था।

एसीबी ने आईएनसी की वेबसाइट पर संस्थान का नाम जोड़ने के वादे पर एक नर्सिंग संस्थान से महेश चंद शर्मा और उनके सहयोगी को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था।

ईडी ने कहा कि जांच से पता चलता है कि आरोपी ने अवैध कमाई कर 10.6 करोड़ रुपए कमाए थे जो उसकी आय के ज्ञात स्रोत से 372 प्रतिशत अधिक है। ईडी ने कहा कि 10.6 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति PMLA के तहत 'अपराध की कार्यवाही' है, जो आपराधिक गतिविधि से जनरेट होती है।

जांच में यह भी पता चला है कि महेश चंद शर्मा ने अपनी पत्नी, बेटे और परिवार के सदस्यों के नाम पर कृषि भूमि, आवासीय फ्लैट और फ्लॉट् खरीदे हैं।