जयपुर, ब्यूरो। राजस्थान में दो महीने से भी ज्यादा समय से चल रही वकीलों की हड़ताल नाजुक दौर में पहुंच गई है। राजस्थान हाई कोर्ट की वकील हड़ताल को लेकर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद राज्य के 15 में से दस अतिरिक्त महाअधिवक्ताओं ने गुरुवार को महाधिवक्ता को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।

न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की समाप्ति की मांग को लेकर राजस्थान में दो माह से भी अधिक समय से वकीलों की हड़ताल चल रही है। इस मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव राजीव महर्षि को तलब कर पूछा था कि जो सरकारी वकील पैरवी के लिए नहीं आ रहे हैं, क्यों न उनका वेतन रोक दिया जाए और इस मामले मे सरकार क्या कर रही है। मुख्य सचिव को बुधवार को तलब किया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इस पर हाई कोर्ट ने फिर कड़ी टिप्पणी कर शुक्रवार को मुख्य सचिव को हर हाल में उपस्थित होने और यह बताने को कहा है कि सरकारी वकीलों पर कार्रवाई के मामले में सरकार क्या कर रही है।

हाई कोर्ट के इस सख्त रुख के विरोध में राज्य के 10 अतिरिक्त महाअधिवक्ताओं और कई सरकारी वकीलों ने गुरुवार को अपने त्यागपत्र महाधिवक्ता को भिजवा दिए।

सरकार के लिए मुश्किल

इस मामले में अब तक राज्य सरकार बिल्कुल चुप बैठी हुई थी और कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा था, लेकिन अब हाई कोर्ट ने सरकार को इस मामले में घसीटकर उसके लिए मुश्किल बढ़ा दी है। हाई कोर्ट का आदेश मानना उसके लिए जरूरी है।

Posted By:

fantasy cricket
fantasy cricket