जयपुर। राजस्थान में 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय का आंदोलन अभी भी जारी है। मंगलवार, 12 फरवरी को आंदोलन के पांचवें दिन भी गुर्जर समाज पटरियों पर बैठा है और इसका खामियाजा रेल यात्रियों को भी भुगतना पड़ रहा है। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने आठ फरवरी से आंदोलन का ऐलान किया था। सवाई माधोपुर जिले के मलारना गांव में पंचायत करने के बाद बैंसला ने समाज के लोगों को लेकर मलारना डूंगर और निमोदा रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी पर कब्जा जमा लिया।

रविवार को हिंसक हुए आंदोलन के बाद दौसा, भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर और करौली में धारा 144 लगा दी गई थी लेकिन सोमवार को भी बेहतर नहीं हुए और टोंक में भी धारा 144 लागू कर दी गई। सोमवार को प्रदेश में 10 हाईवे और करीब दो दर्जन स्थानों पर गुर्जरों ने जाम लगा दिया। प्रशासन ने एहतियातन कई इलाकों में गुर्जर पड़ाव के आसपास के क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया है।

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पूरी तरह से ठप्प हो गया है। करीब दो दर्जन ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं और सैकड़ों रोडवेज बसों के पहिए थमे हुए हैं। धौलपुर में आंदोलनरत लोगों के हिंसक होने और हवाई फायरिंग के बाद सरकार ने कई इलाकों में शांति व्यवस्था का जिम्मा अर्द्धसैनिक बलों को सौंपने की तैयारी कर ली है।

बता दें कि उत्तर रेलवे ने 10 फरवरी को चलने वाली 18 ट्रेनों को, 11 फरवरी को चलने वाली 10 ट्रेनों को, 12 फरवरी को चलने वाली 12 ट्रेनों को और 13 फरवरी को चलने वाली 15 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है।

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