जयपुर। राजस्थान में 15 मई से प्रस्तावित गुर्जर आरक्षण आंदोलन को गुजरात के पाटीदार आंदेालन के संयोजक हार्दिक पटेल ने पूर्ण समर्थन देने की धोषणा की है। वे 15 मई को गुर्जर समाज की महापंचायत में शामिल भी हो सकते है। उधर आंदोलन की सम्भावना को देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं और रेलवे सुरक्षा बल की छह कम्पनियों को आंदोलन स्थल के आस-पास के स्टेशनों पर तैनात होने के आदेश दिए हैं।

गुजरात पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल शुक्रवार को एक दिन की यात्रा पर अजमेर आए थे। उन्होंने यहां पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर मेूं पूजा अर्चना की और अजमेर दरगाह में जियारत भी की। यहां उन्‍होंने लोगों की अपेक्षाएं पूरी करने की प्रार्थना की। यहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने गुर्जर आरक्षण आंदोलन के लिए कहा कि मैं भी गुर्जर हूं, इसलिए गुर्जरों के आंदोलन को समर्थन तो दूंगा ही।

उन्होने कहा कि मेरी गुर्जर नेता हिम्मत सिंह और अन्य नेताओं से बातचीत चल रही है। वे हिंसा के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन सरकार यदि नहीं सुनती है तो कहीं न कहीं ‘धमाका‘ करने की आवश्यकता होगी। हार्दिक पटेल ने कहा कि लोगों को वोट की चोट से धमाका करना चाहिए, जिससे सरकार सुन सके।

उन्होंने यह साफ कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से है और उनका कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि गुजरात में हमने कांग्रेस का सहयोग किया था तब जाकर 82 सीट मिली थी, अन्यथा 50 के अंदर से सिमट जाती। इसलिए वहां एक मजबूत विपक्ष खड़ा हुआ।

गुर्जर आरक्ष्ण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह गुर्जर ने बताया कि हार्दिक पटेल को राजस्थान आने के लिए गुजरात हाईकोर्ट की अनुमति की जरूरत पड़ती है। वे आज भी अनुमति ले कर आए थे और 15 मई की महापंचायत में शामिल होने के लिए वे गुजरात हाईकोर्ट में आवेदन लगा रहे हैं। कोर्ट की अनुुमति मिलती है तो वे महापंचायत में जरूर आएंगे, हालंकि आंदोलन को वे शुरू से ही अपना नैतिक समर्थन दे रहे हैं।

रेलवे ने बुलाई सुरक्षा बलों की छह कम्पनियां -

इस बीच गुर्जर आंदोलनों में अब तक हुई हिंसा को देखते हुए इस बार रेलवे ने आंदोलन से दो दिन पहले यानी 13 मई के ही रेलवे सुरक्षा बल की छह कम्पनियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात करने के आदेश दे दिए हैं।

गुर्जरों ने इस बार महापंचायत और इसके बाद आंदोलन के लिए बयाना अड्डा गांव को चुना है। यह गांव दिल्ली मुम्बई जैसे व्यस्त रेलवे लाइन से सिर्फ 400 मीटर की दूरी पर है। यही कारण है कि रेलवे ने अभी से सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करने की तैयारी कर ली है।

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश मे कहा गया है कि कम्पनियां किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ तैनात की जाए। सुरक्षा के लिए बुलाई गई कम्पनियों में से दो कम्पनियों को जयपुर, एक को भरतपुर और एक-एक कम्पनी को आगरा, बयाना और हिण्डौन रिपोर्ट करने को कहा गया है।

उधर स्थानीय प्रशासन भी गुर्जरों की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। महापंचायत के स्थान को लेकर विवाद सामने आ ही चुका है, हालांकि गुर्जर नेता इसे सरकार की साजिश बता रहे है। गुर्जरों के प्रवक्ता हिम्मत सिंह का कहना है कि बयाना अड्डा में 15 मई को महापंचायत की तैयारी चल रही है और जो विरोध सामने आ रहा है, वह महज राजनीति है। महापंचायत वाले दिन पूरा समाज साथ होगा।

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020