जयपुर। ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन ने कहा कि यदि आरएसएस की तरफ से पैगाम मिला तो वह स्वयं भी भागवत से मुलाकात करेंगे, साथ ही जमीयत उलेमा-ए-हिद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की आरएसएस से मुलाकात को सकारात्मक कदम बताया है ।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध नहीं करना चाहिए और अब तो गुलाम कश्मीर पर बात होनी चाहिए। गौरतलब है कि मदनी की पिछले दिनों दिल्ली में मोहन भागवत से मुलाकात हुई थी। उन्होंने 'दैनिक जारगण' से चर्चा में कहा कि आरएसएस को मुस्लिमों को लेकर अपना नजरिया बदलना चाहिए। इस्लाम सबको साथ लेकर चलने की बात कहता है। इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है। इस्लाम में एक-दूसरे का सम्मान और प्यार बांटने की बात कही गई है।

गौरतलब है संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों पुष्कर के प्रवास पर हैं। ऐसे में दरगाह दीवान ने कहा कि यदि आरएसएस की तरफ से पहल हुई तो वह भागवत से मिलेंगे और हर मुद्दे पर बात करेंगे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर राजनीति से अलग होकर देशहित की बात भी सोचनी चाहिए । विरोध करने वालों को सोचना चाहिए कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के हालात लगातार सुधर रहे हैं। लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा हो रही है । केंद्र सरकार के इस निर्णय से जम्मू-कश्मीर में विकास होगा। युवाओं को शिक्षा के साथ ही रोजगार के अवसर पहले से अधिक मिलेंगे ।