मनीष गोधा, जयपुर। राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्यसभा में राजस्थान से भाजपा की सीटें कम होना शुरू हो गया है। भाजपा ने एक सीट पिछले वर्ष गवांई थी और कम से कम दो सीट इस बार अप्रेल में गंवाने की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान से राज्य सभा के तीन सदस्यों का कार्यकाल इस बार अप्रेल में खत्म हो रहा है और ये तीनो ही भाजपा के है। प्रदेश में चूंकि इस समय बहुमत कांग्रेस के पास है, इसलिए तीन में से कम से कम दो सीट का नुकसान भाजपा को होना तय माना जा रहा है।

राजस्थान में राज्यसभा की दस सीटें हैं और हर दो वर्ष में यहां तीन-तीन सीट का और एक बार चार सीट का चुनाव होता है। राज्यसभा के लिए यहां पिछले नियमित चुनाव अप्रेल 2018 में हुआ था और उस समय तीनों सीटों पर भाजपा के खाते में गई थी। यही वह समय था जब सभी दस सीटों पर भाजपा का कब्जा हो गया था और यह स्थिति अगस्त 2019 तक चली थी।

दिसम्बर 2018 तक भाजपा राजस्थान में 161 सीटों के साथ सत्ता में थी। दिसम्बर 2018 में सरकार बदली और कांग्रेस सत्ता में आई और कांग्रेस को समय से पहले ही सत्ता परिवर्तन का लाभ मिल गया। अप्रेल 2018 में राज्यसभा भेजे गए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी का 2019 में निधन हो गया और उनकी खाली हुई सीट पर कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को यहां से राज्यसभा सदस्य बना कर भिजवा दिया। सैनी का निधन नहीं होता तो अप्रेल 2020 तक राजस्थान की सभी 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा रहता।

इस वर्ष अप्रेल में राज्यसभा सदस्य विजय गोयल, नारायण लाल पंचारिया और रामनारायण डूडी का छह वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तीनों भाजपा के नेता है। इनमें से गोयल मूलत दिल्ली से है, जबकि डूडी और पंचारिया राजस्थान के ही है। राजस्थान में इस समय सरकार कांग्रेस की है और 200 में से 105 सीटों पर कांग्रेस के सदस्य है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक सरकार में मंत्री है और दस से ज्यादा निर्दलियों का समर्थन सरकार को हासिल है। ऐसे में कोई क्रॉस वोटिंग न हो तो तीन में से कम से कम दो सीट कांग्रेस के खाते में जाना तय माना जा रहा है।

भाजपा के खाते में ज्यादा से ज्यादा एक सीट आ सकती है। ऐसे में राजस्थान से राज्यसभा में भाजपा के दस में से सात ही सदस्य रह जाएंगे और यदि तीनों सीट कांग्रेस जीत जाती है तो यह संख्या छह ही रह जाएगी। राजस्थान से इस बार राज्यसभा में जाने की पूरी सम्भावनओं को देखते हुए कांग्रेस में इस सीट के लिए जोडतोड भी शुरू हो गई है और नेताओं ने अपनी लाॅबिंग शुरू कर दी है। राज्यसभा में भले ही भाजपा की सीटें कम हो रही है, लेकिन लोकसभा में पार्टी मजबूत स्थिति में है। यहां से लोकसभा की 25 में से 24 सीटों पर भाजपा और एक सीट पर उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकताांत्रिक पार्टी का कब्जा है।

Posted By: Yogendra Sharma

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