जयपुर। देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में Coronavirus ने कहर बरपा रखा है। भारत में भी इसे लेकर लगाताकर नए मामले सामने आ रहे हैं। यहां तक की कर्नाटक में एक 76 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना वायरस से मौत हो गई है। यह कोरोना वायरस से देश में पहली मौत है। जहां एक तरफ इस बीमारी के प्रसार को रोकेने की कोशिशें तेज हैं वहीं दूसरी तरफ इसका इलाज भी ढूंढा जा रहा है। इन सारी कवायदों के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बड़ा दावा किया है। एसएमएस अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित एक इटली महिला का इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने दावा किया है कि यह महिला Anti HIV दवाओं- लोपिनाविर और रिटोनाविर से ठीक हुई है।

SMS अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. मीणा ने बताया कि लोपिनाविर और रिटोनाविर देने का फैसला तब किया गया जब इतालवी व्यक्ति और उसकी पत्नी को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। इतालवी व्यक्ति जो खुद एक डॉक्टर है, को आइसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और उसकी हालत स्थिर है। उसकी पत्नी के भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, वह अब ठीक है और उसे अन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।

उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि जयपुर में इतालवी दंपत्ति को Anti HIV दवाएं देने का फैसला "प्रारंभिक तौर पर स्थानीय रूप से" किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस अस्पताल को भविष्य में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को ऐसी दवाएं देने से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय एवं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) को सूचित करने को कहा गया है।

ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए इन दोनों दवाओं का इस्तेमाल किया गया। ICMR में महामारी विज्ञान एवं संक्रामक रोग-1 के प्रमुख रमन आर. गंगाखेडकर ने कहा, "उन्होंने सोचा कि यह गंभीर बीमारी है एवं उन्होंने दोनों दवाएं शुरू कर दीं। लेकिन हमें उससे ज्यादा निष्कर्ष निकालने की जरूरत नहीं है क्योंकि किसी एक मरीज पर प्रयोग से ज्यादातर मामलों में सच्चाई पता नहीं चलती। हमें संगठित अध्ययन की जरूरत है।"

उन्होंने कहा, "जब तक हमारे पास बड़े आंकड़े नहीं होते, जो ऐसे परीक्षणों से आते हैं, तब तक हम कोई ज्यादा निष्कर्ष नहीं निकाल पाएंगे। लेकिन चूंकि यह दवा दी गई, हम इस पर अध्ययन में जुट गए हैं और यह देखने के लिए नियमित रूप से नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं कि क्या यह दवा असरकारी है।"

बता दें कि इससे पहले भी Anti HIV दवाओं से कोरोना मरीजों के ठीक होने की खबरें आ चुकी हैं। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया था कि कोरोना से पीड़ित महिला को फ्लू और Anti HIV दवाओं के कॉकटेल से ठीक कर लिया गया। इसके बाद से Anti HIV दवाओं को कोरोना के इलाज में कारगर माना जा रहा है। अब भारत में इस तरह के इलाज का दावा किया गया है।

Posted By: Ajay Kumar Barve