Janata curfew : कोरोना वायरस Coronavirus संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी PM Modi द्वारा किए गए आहवान पर रविवार को राजस्थान में जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा। राजधानी जयपुर से लेकर जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा सहित प्रदेश के सभी छोटे-बड़े शहरों में सड़कें सूनी रहींं और बाजार पूरी तरह बंद रहे। जो लोग कर्फ्यू का नजारा देखने के लिए बाहर निकले हुए दिखाई भी दिए, उन्हें पुलिस ने समझा बुझाकर वापस भेज दिया। इस दौरान आवश्यक सेवाओं जैसे पेट्रोल पम्प और चिकित्सा सेवाएं खुली रहीं। आज जनता कर्फ्यू के दौरान न ट्रैफिक था और न अतिक्रमण। दूध की आपूर्ति वैसे तो हुई थी, लेकिन लाॅकडाउन की घोषणा के बाद रविवार को लोगों को ने आम दिनो के मुकाबले ज्यादा दूध खरीदा इसके चलते कई जगह दूध जल्दी ही खत्म हो गया।

जयपुर के सभी प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल भी सुबह सात बजे ही बंद हो गए और जो इक्का दुक्का श्रद्धालु पहुंचे उन्हें बाहर से ही दर्शन करने पड़े। परकोटा क्षेत्र के अलावा शहर के बाहरी इलाकों में भी जनता कर्फ्यू का असर पूरी तरह नजर आया। यहां व्यापारियों ने शनिवार से ही दुकानें बंद कर दी थी और सोमवार तक बंद करने की घोषणा की हुई थी।

अब सरकार ने लाॅकडाउन की घोषणा कर दी है, ऐसे में अब 31 मार्च तक यहां सब कुछ बंद हो गया। दिल्ली नेशनल हाइवे पर मनोहरपुर टोल प्लाजा पर रोजाना टोल से करीब 35 हजार वाहन निकलते हैंं। लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण वाहनों में 70 प्रतिशत तक की कमी आ गई। सीकर के बाजार बंद रहे। लोग घरों से बाहर नहीं निकलें।

आमजन भी अपने सोशल साइट्स, वॉट्सअप डीपी व स्टेटस, फेसबुक स्टोरी, ट्विटर पर जनता कर्फ्यू को सफल बनाने की अपील करते रहे। बीकानेर संभाग के ज्यादातर शहरों में सन्नाटा छाया रहा। सभी बाजार है पूरी तरह से बंद रहे। नेशनल हाइवे भी खाली दिखाई दिया।

कई जगह पुलिस सड़क पर दिख रहे लोगों को मास्क लगाने और सैनेटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए कहती दिखी। कोटा में सुबह 9 बजे तक रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ रही। बड़ी संख्या में छात्र घर जाने के लिए रवाना हुए। वहीं ज्यादातर हॉस्टल खाली हो गए।

Posted By: Navodit Saktawat