जोधपुर, 28 जुलाई। जालौर जिले में रहने वाले एक युवक व युवती के बीच मोबाइल पर हुई दोस्ती ऐसी परवान चढ़ी कि दोनों ने घर से भाग कर विवाह कर लिया। हालत ये थी कि युवक से पहली मुलाकात के लिए गई युवती ने सीधे शादी ही कर ली। कुछ ही दिनों में वो वापस अपने मायके चली गई। पति ने कोर्ट में याचिका दायर कर पत्नी को उसके परिवार से छुड़ाने की मांग की। सुनवाई के दौरान दौरान हाईकोर्ट में पेश हुई लड़की ने कहा कि वो अपने परिवार और पिता के साथ ही रहना चाहती है। इस पर कोर्ट ने भी उसे अपने माता-पिता के साथ जाने की अनुमति दी। यानी मात्र 17 दिनों में शादी और संबंध-विच्छेद, दोनों हो गये।

जालोर के सायला निवासी जीतराम माली ने हाईकोर्ट में अपनी पत्नी को छुड़वाने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उसकी याचिका पर हाईकोर्ट ने युवती को अदालत में पेश करने का आदेश दिया। न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग खंडपीठ के समक्ष पुलिस ने जब युवती को पेश किया, तो युवती ने कोर्ट से स्पष्ट कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। उसका कहना था कि मोबाइल पर हुई जान-पहचान के बाद हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। और उसने युवक से पहले मिले बगैर उसके साथ शादी भी कर ली। लेकिन साथ रहने पर अहसास हुआ कि दोनों का साथ निभा पाना मुश्किल है। ऐसे में उसने अब अपने माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया है। खंडपीठ ने युवती को उसकी इच्छानुसार माता-पिता के साथ रहने की अनुमति प्रदान कर दी।

उधर युवक का कहना है कि हमने 10 जुलाई को प्रेम विवाह किया। वो दोनों 22 जुलाई को अपने घरवालों के डर से संरक्षण की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी लगाने जा रहे थे। तभी रास्ते में ही युवती के घरवालों ने दोनों को रोका और मारपीट करते हुए लड़की को अपने साथ ले गए। इसके बाद युवक ने जोधपुर के कुड़ी थाने में केस दर्ज कराया। उधर, युवती के घरवालों ने भी युवक के खिलाफ सायला थाने में अपहरण का केस दर्ज करवा दिया था। मामला कोर्ट में पहुंचा, तो युवती ने माता-पिता के साथ ही रहने का फैसला किया।

Posted By: Shailendra Kumar