रंजन दवे, जोधपुर। जोधपुर के कालीबेरी इलाके में एक बन्दर के करंट की चपेट में आने से मौत हो गयी। जिसके बाद काली बेरी क्षेत्र के लोगों को इसकी जानकारी मिलने पर सनातन पद्दति से बैकुंठी निकाल अंतिम संस्कार किया गया। जोधपुर के केसरिया हिन्दू वाहिनी युवा ब्रिग्रेड के सदस्यों ने बानर को हनुमान स्वरूप जान सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए रूपावतों का बेरा ,राम बाग में उसका क्रियाकर्म किया और समाधि दी।जोधपुर के काली बेरी इलाके में बहुतायत में काले मुँह के बानर पहाड़ो में विचरण करते है। वहां बीते दिन अपराह्न बाद एक वानर के करंट लगने से मौत की जानकारी केसरिया हिंदु वाहिनी से जुड़े कार्यकर्ताओं को मिली। युवा प्रकोष्ठ के राजस्थान प्रदेश प्रभारी नरसिंह गहलोत ने बताया कि जब वे अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुचे तो वहाँ उनको बड़ी संख्या में बैठा बंदरो का एक झुंड दिखा, जो कि मृत वानर के इर्द गिर्द बैठा था।

इसके बाद अन्य सदस्यों और क्षेत्र की महिलाओं से बातचीत के बाद वानर का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया, तब तक अंधेरा हो चला था, व वहाँ से वानरों का समूह भी जा चुका था। जिसके बाद सभी ने तय किया कि वानर का अंतिम संस्कार हिंदु धर्म के रिति रिवाज के अनुसार ही करेगें। अगले दिन वानर का वैष्णव परम्परा के तहत बैकुंठी निकाल समाधि दिया जाना निश्चित हुआ।

इसलिए रात में बंदर को सुरक्षित कमरे में रखा और दो कार्यकर्ता भी रातभर पास में रहे। अगले दिन मोहल्लेवासी व युवा, महिलाये और केसरिया टीम के सदस्यों ने मिलकर भजन गाते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ मंडलनाथ चौराये तक पैदल बैंकुठ यात्रा निकाली। बैकुंठी को रूपावतो का बेरा रामबाग ले जाया गया और विधिवत तरीके से समाधि दी गई।

Posted By: Navodit Saktawat

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