जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी वादे के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकाय चुनावों में शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता खत्म कर दी है। पंचायतीराज और स्थानीय निकायों के चुनाव लड़ने के लिए अब पढ़ा लिखा होना जरूरी नहीं है। अब अनपढ़ भी सरपंच से लेकर प्रधान प्रमुख और पार्षद से लेकर मेयर तक का चुनाव लड़ सकेंगे ।

राज्य विधानसभा में सोमवार को पंचायतीराज संशोधन विधेयक और नगरपालिका संशोधन विधेयक पारित कर दिए गए । पंचायतीराज संशोधन विधेयक के जरिये पंचायतीराज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान खत्म कर दिया गया है । वहीं, नगरपालिका संशोधन विधेयक में पार्षद, सभापत, मेयर का चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान हटा दिया गया है।

पिछली भाजपा सरकार में लागू किए गए इस प्रावधान का कांग्रेस ने जमकर विरोध किया था। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में निकाय-पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यत हटाने का वादा किया था । विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि जब विधायक और सांसद बिना पढ़ा-लिखा व्यक्ति बन सकता है तो फिर पंचायती राज संस्थाओं में शैक्षणिक योग्यता की आवश्यक्ता नहीं है।

Posted By: