जयपुर। राजस्थान विधानसभा के दो दिनी विशेष सत्र में गुरुवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब विधायी कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने आरएसएस के विचारक एमएस गोलवलकर को लेकर टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि गोलवलकर ने अपने पुस्तक 'बंच ऑफ थॉट्स में मुस्लिमों, ईसाइयों व वामपंथियों के रूप में तीन खतरे बताए हैं। ज्ञात हो कि संविधान लागू होने के 70 वर्ष पूरे होने के मौके पर राजस्थान विधानसभा का यह विशेष सत्र बुलाया गया है। सदन में मंत्री धारीवाल ने अपने भाषण में उक्त बातें कहीं। इस पर भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी और मदन दिलावर ने हंगामा मचा दिया।

स्पीकर बोले, भविष्य की चुनौतियों पर बात करें

इसके बाद स्पीकर सीपी जोशी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि बहस रचनात्मक व भविष्य की चुनौतियों पर फोकस करते हुए होना चाहिए, ताकि उनका समाधान खोजा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि किसी पुस्तक का सदन में जिक्र करना गलत नहीं है, लेकिन धारीवाल भी भावी चुनौतियों की बात करें।

धारीवाल ने फिर साधा निशाना

स्पीकर के निर्देश के बाद भी धारीवाल ने भाजपा व संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संविधान को विफल करने की कोशिश की, उनके बारे में बताने की जरूरत नहीं है। जो लोग संविधान व आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की बात करते हैं व तिरंगे का अपमान करते हैं उनकी और जिन लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद बंद के आह्वान का विरोध किया था, उनकी भी पहचान की जरूरत नहीं है।

Posted By: Yogendra Sharma