जयपुर। कुछ वर्ष पहले तेजी से वायरल हुआ गीत कोलावरी डी अब कोटा के कोचिंग छात्रों के तनाव को भी कम करेगा। दरअसल, यहां के कलक्टर रवि कुमार सुरपुर ने कोचिंग छात्रों के तनाव को दूर करने के लिए कोलावरी डी नाम से ही एक छोटी सी बुकलेट तैयार की है।

सिर्फ 20 पेज की यह बुकलेट छात्रों से उनकी ही भाषा में बात करने की कोशिश की है। किताब थोड़ी, फिल्मी, थोड़ी मस्ती और हल्के फुल्के ज्ञान से भरी है। इसमें फेमस फिल्मी डायलॉग भी हैं और बडे़ विचारकों के कोटेशन भी हैं और इन्हीं के जरिए छात्रों की हर समस्या से जुडने की कोशिश की गई है।

इस किताब में छात्रों को दोस्त मानते हुए ही अलग-अलग सलाहें दी गई है। जो बच्चे अपने परिवार वालों की याद के कारण परेशान रहते हैं, उन्हें कहा गया है कि परेशान मत हो, घर सिर्फ एक कॉल की दूरी पर है, यानी फोन करो और बात कर लो। जो छात्र यहां 14-15 साल की उम्र में आ जाते हैं और अपने शहर को यद करके परेशान रहते है, उन्हें कहा गया है कि आप यहां हमेशा के लिए रहने नहीं आए हैं, कुछ समय की बात है जो फटाफट निकल जाएगा।

इसी तरह छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए सलमान खान की फिल्म वांटेड का डायलॉग की मदद ली गई है कि “एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर ली, तो मैं अपने आप की भी नहीं सुनता”। जो छात्र परीक्षा परिणाम के तनाव में रहते हैं, उनके लिए चाणक्य के कोटेशन का उपयोग किया गया है।

इसके अलावा परिवार का दबाव, जो आत्महत्यओं का सबसे बडा़ कारण माना जाता है, उसके लिए किताब में कहा गया है कि यह परिवार वाले सिर्फ आपका भला चाहते हैं, लेकिन आप उनके लिए सबसे अहम हैं।

यहां पढ़ रहे कोचिंग छात्र-छात्राओं के प्रेम प्रसंग भी उनके तनाव का बडा़ कारण बनते हैं। इसके लिए किताब कहती है कि यह सिर्फ हार्मोनेल बदलाव है, इसे अपनी बुद्धिमत्ता पर हावी मत होने दीजिए। यह बुकलेट अब छात्रों के बीच वितरित की जाएगी।

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