जयपुर (ब्यूरो)। PUBG गेम की लत के कारण घर से भागा राजस्थान का 10वीं का छात्र आखिर 49 दिन बाद पुलिस को मिल गया। दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र का यह छात्र गायब होने के इतने दिन से जयपुर में एक दुकान पर नौकरी कर रहा था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि लापता छात्र मोबाइल पर पबजी व थ्रीफायर गेम खेलने की वजह से उसका पढ़ाई से मन हट गया था। इसलिए पढ़ाई छोड़ जयपुर आ गया और दुकान पर काम करने लगा।

25 जून को गुल्लाना निवासी महेश मीणा ने बांदीकुई थाने में गुमशुदी का मामला दर्ज कराया था। अपने रिपोर्ट में उन्होंने बताया था कि 10वीं में पढ़ने वाला उनका 14 साल का बेटा नितेश 25 जून से लापता है। पुलिस ने मंगलवार को छात्र को जयपुर में पकड़ लिया।

पूछताछ में नितेश ने बताया कि मोबाइल पर गेम्स खेलने की शौक से पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। इसलिए बिना बताए जयपुर चला गया। पुलिस ने छात्र को परिवार वालों को सौंप दिया हैं।

जानिए क्या है PUBG गेम

'पबजी' गेम एक मल्टीप्लेयर गेम है जिसे कम्प्यूटर या स्मार्ट फोन में ऑनलाइन खेल सकते हैं। इसे आपको ऑनलाइन दूसरे प्लेयर के साथ खेलना पड़ता है। इस गेम में 100 प्लेयर्स एयरप्लेन से एक आइलैंड पर उतरते हैं। यहां पहुंचने पर उन्हें वहां मौजूद अलग-अलग घर और स्थानों पर जाकर आर्म्स, दवाइयां और कॉम्बेट के लिए जरूरी चीजों को कलेक्ट करना होता है। प्लेयर्स को बाइक, कार और बोट मिलती है। ताकि वह हर जगह जा सकें और दूसरे अपोनेन्ट को गेम में मारकर आगे बढ़ सकें। 100 लोगों में आखिर तक जिंदा रहने वाला प्लेयर गेम का विनर बनता है।

इस गेम की लत से बढ़े ये खतरे

- बच्चों के स्वभाव में एक अजीब तरह का चिड़चिड़ापन और असंवेदनशीलता देखी जा रही है।

- कई बार खाने-पीने और सोने आदि की आदतों में बदलाव के कारण बच्चों का शारीरिक विकास भी प्रभावित हो रहा है।

- देर रात तक जागने के कारण युवाओं का स्लीपिंग पैटर्न बदल रहा है जिससे ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।

- गेम में हथियारों के प्रयोग और जीतने की जंग के कारण युवाओं में आक्रामता बढ़ रही है।