नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दूसरे ही दिन राजस्थान में 50 मुस्लिम परिवारों ने एक साथ हिंदू धर्म अपना लिया। ये सभी परिवार राजस्थान के बाड़मेर जिले मोतीसरा गांव के रहने वाले है। यह गांव पाकिस्तान की सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है। बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद उन्होंने अपने गांव में भी हवन-पूजन कराया और सभी 50 परिवार के लोगों ने एक साथ जनेऊ धारण कर लिया। इसके बाद आज गुरूवार को सभी 50 परिवारों ने भगवान राम और हनुमान जी की प्रतिमा के सामने पूजा अर्चना की।

परिवार के बुजुर्ग बोले, हिंदू थे हमारे पूर्वज

हिंदू धर्म अपनाने वाले परिवारों के बुजुर्गों का कहना है कि उनके पूर्वज हिंदू थे, लेकिन कई पीढ़ियों पहले औरंगजेब के दबाव में हमारे पूर्वजों ने इस्लाम धर्म अपना लिया था । उन्होंने बताया कि कि वैसे तो बीते कई समय से हमारे परिवार वाले हिंदू धर्म के कई त्योहार मनाते रहे हैं। अब इतिहास का ज्ञान का होने के बाद उन्होंने बिना किसी के दबाव के स्वेच्छा से हिंदू धर्म स्वीरकर कर लिया है। ये परिवार कंचन ढाढी जाति से संबंध रखते हैं, जो समारोह में ढोल बजाने का काम करती है।

डरा धमकाकर कराया था धर्म परिवर्तन

हिंदू धर्म अपनाने वाले सुभनराम, मेघराम व जगन ने बताया कि मुस्लिम शासकों ने हमारे पूर्वजों को धमकाकर धर्म परिवर्तन था, लेकिन हम हिदू धर्म से ताल्लुक रखते थे। इनका कहना है कि इतिहास की जानकारी होने के बाद हमने इस बात पर गौर किया कि हम हिंदू हैं और हमें वापस हिदू धर्म में जाना चाहिए। हमारे रीति रिवाज पूरे हिदू धर्म से संबंध रखते हैं।

गांव के मुखिया को सूचना दी फिर किया धर्म परिवर्तन

एक अन्य शख्स ने बताया कि हम ईद पर केवल औपचारिकता निभाते थे, लेकिन दिवाली का त्योहार काफी उत्साह से मनाते रहे हैं। राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के शिलान्यास के समारोह पर हम सभी ने गांव के सरपंच को सूचित करने के बाद हवन और पूजा पाठ का कार्यक्रम रखा और हिदू संस्कृति का पालन करते हुए हमने अपनी स्वेच्छा से घर वापसी की है। उन्होंने साफ कहा कि हमारे ऊपर कोई दबाव नहीं था।

गांव के पूर्व सरपंच प्रभुराम कलबी ने बताया कि ढाढ़ी जाति के परिवार के सदस्यों ने बिना किसी दबाव के हिदू धर्म में वापसी की है। संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को अपना सकता है। गांव के अन्य लोगों ने भी मुस्लिम परिवारों के इस फैसले का स्वागत किया है।

Posted By: Sandeep Chourey

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