जयपुर। प्रदेश में सड़क हादसोंं के आंकड़े में कोई कमी नहीं आ रही है। पिछले वर्ष जहां 10 हजार से ज्यादा लोगो की जान सडक दुर्घटनाओं में गई थी, वहीं इस बार नौ महीने मे ही 7875 लोग अपनी जान गवांं चुके हैं। हालांकि इसके बावजूद राजस्थान में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने का इंतजार है।

राजस्थान में 10 हजार 319 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग एवं 15 हजार 545 किलोमीटर राज्य राजमार्ग सहित कुल 2 लाख 36 हजार किलोमीटर से अधिक लम्बी सड़कें हैं। इन सड़कों पर 805 ब्लैक स्पाॅट चिन्हित हैं जो हर वर्ष बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। इनके अलावा भी बड़ी संख्या में हादसे सामने आते हैं। पिछले दिनों ही तीन में 28 लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में काल का शिकार बने थे।

देश भर में लागू किए गए मोटर व्हीकल एक्ट को दुर्घटनाओं में कमी का जरिया माना गया था, लेकिन राजस्थान में इसे सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है। सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट में लगाए गए जुर्माने को कम करने में जुटी है और माना जा रहा है कि राजस्थान में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के बाद इस एक्ट को लागू किया जाएगा। हालांकि इस बीच सड़क सुरक्षा अभियान जरूर शुरू किया गया है।

राजस्थान पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर समस्त रेंज महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात नियमों की पालना करवाने के लिए 23 अक्टूबर तक विशेष सघन सड़क सुरक्षा अभियान संचालित करने के निर्देश दिए है।

यह है राजस्थान में सड़क सुरक्षा की स्थिति

- कुल वाहन- वर्ष-2018 के अन्त तक 1 करोड़ 73 लाख 42 हजार 439 वाहन पंजीकृत हैं और इनमें प्रतिवर्ष लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है।

- दुर्घटनाएं- गतवर्ष 21 हजार 743 दुर्घटनाओं में 21 हजार 547 व्यक्ति घायल हुए तथा 10 हजार 320 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी। इस वर्ष सितम्बर माह तक 18 हजार दुर्घटनाओं में 7 हजार 875 व्यक्ति मौत का शिकार हुए।

- चालान काटे- गतवर्ष यातायात नियमों के उल्लंंघन के 29 लाख 81 हजार से अधिक चालान काटे गये। इस वर्ष इस वर्ष अगस्त माह तक 19 लाख 83 हजार चालान काटे गए। इनमें सर्वाधिक 4 लाख 43 हजार चालान बिना हैलमेट के है।

Posted By: Navodit Saktawat