जयपुर। राजस्थान में भाजपा अब जिलास्तर पर संगठन की सरंचना में अहम बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत अब संगठन में विधायकों या विधायक का चुनाव लड चुके नेताओ का दखल कमर कर संगठन के पदाधिकारियों को आगे बढाया जाएगा। इसके तहत अब हर विधानसभा क्षेत्र के लिए अलग प्रभारी की नियुक्ति किए जाने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान मेंपूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समय में हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में संगठन के पदाधिकारियों के मुकाबले विधायक या विधायक का चुनाव लड चुके नेताओ का वर्चस्व रहा है। जिला और विधानसभा स्तर पर इन नेताओं के हाथ मे ंही पार्टी की गतिविधियां और कमान रही है और संगठन से जुडे पदाधिकारी हाशिए पर रहे है।

अब चूंकि पार्टी में प्रदेश स्तर पर बडा बदलाव हुआ है और सतीश पूनिया के रूप में संगठन से जुडे नेता को पार्टी की कमान मिली है, ऐसे में जिला और विधानसभा स्तर पर भी बदलाव की तैयारी की जा रही है। पार्टी सूत्रो का कहना है कि अब निचले स्तर पर एक बार फिर से संगठन से जुडे नेताओं को मजबूत बनाया जाएगा। अब तक पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों को एक-एक जिले का प्रभारी बनाया जाता रहा है, लेकिन अब इस व्यवस्था को विधानसभा स्तर पर लागू किए जाने की तैयारी है।

इसके तहत सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश स्तर से एक-एक प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। यह प्रभारी उस विधानसभा क्षेत्र में होेने वाली पार्टी की सभी गतिविधियों का समन्वय और माॅनिटरिंग करेगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी तक चुनाव के समय ही विधानसभा स्तर पर प्रभारी लगाते थे, लेकिन अब स्थाई प्रभारी होंगे।

इससे निचले स्तर पर संगठन में विधायक का वर्चस्व कम होगा और संगठन को मजबूती मिलेगी। मौजूदा व्यवस्था मे विधायक अपने चुनाव की दृष्टि से अपने ही लोगों को जिम्मेदारियां देकर आगे बढाते है, अब संगठन के लोगों को आगे आने का मौका मिलेगा।

Posted By: Navodit Saktawat