जयपुर। राजस्थान में होने वाले निकाय और पंचायत चुनाव से पहले सरकार को अपने कर्मचारियों की मांगे याद आई है। सरकार के कार्मिक विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निपटारा करें और उनसे बातचीत के लिए संवाद कायम करें।

राज्य सरकार के कार्मिक विभाग की प्रमुख शासन सचिव रोली सिंह ने हाल में एक परिपत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार की योजनाओं, घोषणाओं, नीतियों के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन में राज्य सरकार की अहम भूमिका है। प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारी शासन के सुचारू संचालन में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, श्रम व जवाबदेही से काम कर रहे है। ऐसी स्थिति में राज्य कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण करना सरकार का दायित्व है।

आदेश में कहा गया है कि सभी विभाग उनके यहां कार्यरत कर्मचारियेां की समस्याओं और मांगों का शीघ्र निस्तारण करें और इनसे संवाद कायम करने के लिए बैठकें करें। विभागों से कहा गया है कि सरकार के घोषणापत्र और अन्य समय पर कर्मचारियों के बारे मे की गई घोषणाओं की समीक्षा करें और आवश्यक निर्णय लेकर उन्हें पूरा करें।

जिन मांगों पर कोई खर्च नहीं आना है, उन्हें पूरा करें।जिन मांगों के बारे में सरकार पर कोई खर्च आना है, उन्हें वित्त विभाग को भेजा जाए और न्यायालयों द्वारा कर्मचारियों के पक्ष में जो निर्णय दिए जाते है, उनकी पालना सुनिश्चित करें।

राजस्थान में इसी माह नगरीय निकाय और अगले वर्ष जनवरी फरवरी में पंचायत चुनाव है। ऐसे में इन चुनावों से पहले कर्मचारियों से जुडे इस आदेश को काफी अहम माना जा रहा है। राजस्थान में आठ लाख सरकारी कर्मचारी है और इन चुनावों में उनकी अहम भूमिका रहती है। इसके साथ ही सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल भी दिसम्बर में पूरा हो रहा है। ऐसे में सरकार अपने घोषणा पत्र की घोषणाओं को पूरा करने में भी जुटी है। ऐसे में इस आदेश को कर्मचारियो को खुश करने की कवायद माना जा रहा है।

Posted By: Navodit Saktawat