जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को 2019-20 के लिए बजट पेश किया। बजट में सिंचाई, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के अलावा किसानों के कल्याण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया।

राजस्थान विधानसभा में बजट पेश करते हुए गहलोत ने कहा कि किसानों को निर्बाध बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए 5,200 करोड़ रुपए की लागत से एक अलग फीडर की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह लोगों का बजट है और उनकी भावनाओं और सुझावों को देखते हुए तैयार किया गया है।

गहलोत ने बजट पेश करते हुए कहा, 'हमने लोगों के सुझावों और भावनाओं को शामिल करने के लिए प्रयास किए हैं। बजट समाज के सभी वर्गों के साथ चर्चा के बाद तैयार किया गया था। विकास में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना राज्य सरकार की प्राथमिकता होगी।'

गहलोत ने 1,000 करोड़ रुपए के किसान कल्याण कोष, नई और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नीति की घोषणा की, सहकारी बैंकों से 16,000 करोड़ रुपए के फसल ऋण का लक्ष्य रखा और कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में 'नंदी शाला' का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने राज्य के राजमार्गों, दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों की तर्ज पर जनता क्लीनिक, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति के लिए 927 करोड़ रुपए की घोषणा की और कहा कि पहले तीन वर्षों के लिए MSMEs के लिए कोई अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने राज्य सरकार की नि:शुल्क दवा योजना में 104 प्रकार की नई दवाओं और सीएम यूथ एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत 1,000 करोड़ रुपए की सहायता की भी घोषणा की। इसके अलावा, युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों में 75,000 रिक्त पद भरे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने राज्य में UDAY योजना के अनुचित कार्यान्वयन के लिए पिछली भाजपा सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने दावा किया था कि डिस्कॉम को वित्तीय संकट से बचाया जाएगा, लेकिन यह स्कीम बिना योजना के लागू की गई थी।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की खराब वित्तीय योजना के कारण राज्य का कर्ज बढ़ा है, जिसने बहुत अधिक विचार किए बिना भारी कर्ज लिया।