जोधपुर। जोधपुर के गांधी शान्ति प्रतिष्ठान केन्द्र में 105 वरिष्ठ एवं युवा चित्रकारों के साथ नन्हे बाल चित्रकारों ने भी इन्द्रदेव को मनाने एवं प्रदेश में अच्छी बारिश एवं पर्यावरण को बचाने की कामना के साथ पंखी (बींजणी) पर खूबसूरत चित्रकारी की।प्रदेश के चित्रकारों द्वारा यह अनूठा आयोजन पिछले 9 वर्षों से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है । रंगों और कूची का यह पर्व 'रंग मल्हार' रविवार को जोधपुर में आयोजित हुआ ।

जोधपुर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 10वां रंग मल्हार धूम धाम से मनाया गया । जिसमें चित्रकारों के साथ ही साहित्यकारों के साथ कला रसिकों ने भी शिरकत की एवं चित्रकारों को प्रोत्साहित किया ।

कार्यक्रम के संयोजक केशव वरनोती ने बताया कि ईस्टर्न फाउंडेशन ऑफ आर्ट एण्ड कल्चर एवं 27 आर्ट पॉइन्ट के सयुंक्त तत्वावधान में आयोजित रंग मल्हार में 105 कलाकारों ने शिरकत की और अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से उकेरा। रंगमल्हार के संयोजक चित्रकार केशव वरनोती ने बताया कि प्रदेश के ख्यातिप्राप्त वरिष्ठ चित्रकार विद्यासागर उपाध्याय की मूल संकल्पना से रंगमल्हार की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी ।

उस वर्ष प्रथम वस्तु जिसे चित्रकारों ने अपना कैनवास बनाया वह 'छाता' था।इस वर्ष रंगमल्हार का दशम वर्ष है तथा इस वर्ष की निर्धारित वस्तु है बीजणी या पंखी जो इस वर्ष की गर्मी को देखते हुये बहुत उपयुक्त जान पड़ती है।विगत वर्षों में विलुप्त होती उन सभी वस्तुओं पर रंग मल्हार में चित्रकारी हेतू प्रयोग में लाया गया है, कभी साइकिल तो कभी हेट,ग्लोब,मास्क आदि चित्रकारों की चित्रण वस्तु रही ।गत वर्ष लालटेन को चित्रकारों ने सुंदर कलाकृतियों से सजाया था।

प्रतिभागियों को आयोजन के पश्चात् मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार हरि दास व्यास, सुषमा चौहान , प्रगति गुप्ता जी एवं ईस्टर्न फाउंडेशन ऑफ आर्ट एण्ड कल्चर के अध्यक्ष प्रदीप्त किशोर दास एवं 27 आर्ट पॉइन्ट के डायरेक्टर टीकम खडप्पा द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में साहित्यकार संगीता सेठी,लीला दीवान, वरिष्ठ चित्रकार एस. एम. अब्बासी, मानमल चितारा , यतीश कासरगोड, प्रदीप्त किशोर दास, टीकम खंडप्पा, मनोज सांधा, देवव्रत, अमित जोशी ने भी शिरकत की।