जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने ऐसे गिरोह को पकडा है जो सरकारी भर्ती परीक्षा में नकली परीक्षार्थी भेज कर लोगों को पास कराता है। पुलिस ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित मल्टी टास्किंग नॉन टेक्निकल स्टाफ परीक्षा (एमटीएस) में ऐसी हरकत कर नकल करवा रहे गिरोह के सरगना सहित तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। अतिरिक्त महानिदेशक (एटीएस एवं एसओजी) अनिल पालीवाल ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना थाना जसवंत कुमार (27) है। यह दौसा का रहने वाला है और उसके दो साथी देशराज और गिरधारी सिंह है। इनमें से एक भरतपुर और दूसरा चूरू का रहने वाला है। पालीवाल ने बताया कि एसओजी को मुखबिर से सूचना मिली कि एसएससी द्वारा आयोजित मल्टी टास्किंग नॉन टेक्निकल स्टाफ प्रारंभिक परीक्षा में एक गिरोह असली छात्रों के स्थान पर फर्जी छात्रों को बैठाकर परीक्षा दिलवा रहा है।

सूचना पर एसओजी की एक टीम ने शास्त्री नगर, जयपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, द्वारकापुरी में दबिश दी। जहां से एसओजी टीम ने तीनों आरोपियों को धरदबोचा। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के मुख्य सरगना जसवंत सिंह ने बताया कि वह पिछले काफी समय से एसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलवा रहा है।

इसके लिए वह प्रति परीक्षार्थी से 2 से 5 लाख रूपए वसूल कर रहा है। ये फर्जी परीक्षार्थियों बिहार से आते है, जिन्हें इस काम के लिए 50 हजार से 2 लाख रूपए तक दिए जा रहे थे। इससे पूर्व भी वह एसएससी व जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों के जरिए परीक्षा दिलवा चुका है।

एसएससी की वर्तमान प्रारंभिक परीक्षा भी बिहारी विद्यार्थियों से परीक्षा दिलवाई गई थी, लेकिन उन छात्रो से पैसों का विवाद हो गया तो इस बार की परीक्षा में साथी देशराज पहुंच गया और सरगना खुद पहुंच गया। लेकिन इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर कर दी और ये गिरफतार हो गए। गिरफ्तार अभियुक्तों से अन्य परीक्षाओं में किए गए फर्जीवाड़े व उनके अंतर्राज्यीय नेटवर्क के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।

Posted By: Navodit Saktawat