Rajasthan Assembly : राजस्थान में सियासी घमासान जारी है। हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि आगे क्या होगा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार कैसे बचेगी? बता दें, महीने के शुरू में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए सचिन पायलट समेत उनके साथी बागी मंत्रियों को पद से हटा दिया था। इसके बाद सचिन पायलट के पास दो विकल्प बचे थे। या तो वे भाजपा में शामिल हों या अपनी अलग पार्टी बनाए। हालांकि वे भाजपा में जाने से साफ इन्कार कर दिया है। राजस्थान विधानसभा के नंबर गेम का आकलन किया जा रहा है। कांग्रेस मानकर चल रही है कि यदि सचिन पायलट के साथ 19 विधायक जाते हैं तो भी अशोक गहलोत की कुर्सी को खतरा नहीं होगा।

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं और बहुमत के लिए 101 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ताजा स्थिति के मुताबिक, कांग्रेस के कुल 107 विधायकों में से सचिन पायलट समर्थक 19 विधायकों को निकाल दें तो 88 विधायक बचते हैं। इनके अलावा कांग्रेस के पास बीटीपी के 2 और 10 निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। सीपीएम के एक विधायक को जोड़ दिया जाए तो कुल संख्या 101 होती है और इस तरह गहलोत की सरकार बच जाती है। वहीं पायलट खेमे के पास 3 निर्दलीयों के साथ कुल 22 विधायक हैं। वहीं भाजपा के पास अपने 72 और आरएलपी के 3 विधायकों के साथ कुल 75 विधायक हैं।

Posted By: Arvind Dubey

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