जयपुर। राजस्थान सरकार ने मंगलवार को गुर्जरों की एक मांग और मानते हुए उन्हें बैकडेट (पूर्व प्रभावी) से एक प्रतिशत आरक्षण देने का आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि गुर्जरों ने सात जुलाई को प्रधानमंत्री की जयपुर में होने वाली सभा में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी हुई है।

राजस्थान सरकार की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया है कि गुर्जर सहित पांच अति पिछड़ी जातियों को दिसंबर, 2016 से सितंबर 2017 के बीच निकाली गई सरकारी भर्तियों में भी एक प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए। इसके लिए यदि अतिरिक्त पद सृजित कराने हों तो उसकी अनुमति भी ले ली जाए।

दरअसल, गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का जो बिल राजस्थान सरकार ने 2015 में पारित किया था, उस पर हाई कोर्ट ने दिसंबर 2017 में रोक लगा दी थी। इसके चलते गुर्जरों के पास सिर्फ ओबीसी में ही आरक्षण रह गया था। यह स्थिति सितंबर 2017 तक रही। सितंबर 2017 में सरकार ने एक नया बिल पारित किया था, जिसमें गुर्जरों सहित पांच पिछड़ी जातियों को ओबीसी का 21 प्रतिशत का कोटा बढ़ा कर आरक्षण दिए जाने का प्रावधान था।

गुर्जरों ने हाल में राजस्थान सरकार से जो समझौता किया था, उसमें उन्हें दिसंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच की भर्तियों में भी एक प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन यह आदेश सोमवार को जारी नहीं किया गया था। गुर्जरों के विरोध प्रदर्शन के रूख को देखते हुए सरकार ने कैबिनेट से मंजूरी दिलवा कर यह आदेश भी जारी कर दिया।

हालांकि, गुर्जरों की ओबीसी के वर्गीकरण के लिए राजस्थान में समिति बनाने की मांग पर सरकार ने अब भी कुछ नहीं किया है। गुर्जर नेता हिम्मत सिंह का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के निर्णय पर हम समाज के प्रतिनिधियों से बात कर निर्णय करेंगे।

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