मनीष गोधा, जयपुर। राजस्थान सरकार ने अहम फैसला करते हुए राजस्थान के तीन बड़े शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा में नगर निगमों का बंटवारा कर दिया। अब इन शहरों में दो-दो निगम और महापौर होंगे। इसके साथ ही इन तीन शहरों में नवम्बर में होने वाले नगर निगम चुनाव भी आगे खिसका दिए गए हैं। इन निगमों में वार्डों का फिर से परिसीमन किया जाएगा और आगामी छह माह में इनके चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि इन निगमों में किस वर्ग का व्यक्ति महापौर बनेगा, इसका फैसला 20 अक्टूबर को हो जाएगा, क्योंकि उस दिन सभी निकाय अध्यक्षों की आरक्षण की लाॅटरी निकाली जाएगी।

राजस्थान में नवम्बर मे 52 नगरीय निकायों के चुनाव होने है और इससे पहले इन चुनावोंं को लेकर सरकार रोज नए फैसले कर रही है। इसके तहत पहले सभी निकायो का नए सिरे से नामांकन कर वार्ड बढ़ाए गए। फिर हाल में मेयर और निकाय अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष के बजाए अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय किया गया। इसके बाद यह भी तय कर दिया गया कि मेयर या निकाय अध्यक्ष बनने के लिए पार्षद होना जरूरी नहीं है और अब शुक्रवार को स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने घोषणा की कि दस लाख की जनसंख्या से अधिक वाले शहरों जयपुर कोटा और जोधपुर में अब दो-दो निगम और महापौर होंगे। जयपुर में एक को हेरिटेज निगम और दूसरे ग्रेटर जयपुर निगम कहा जाएगा। वहीं जोधपुर में नगर निगम को जोधपुर उत्तर और जोधपुर दक्षिण के तौर पर जाना जाएगा। इसी तरह कोटा में नगर निगम को कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण के तौर पर जाना जाएगा।

तीनों शहरों में फिर से होगा सीमांकन- इन तीनों ही शहरों में कुछ समय पहले ही नए सिरे से परिसीमन कर वार्डों की संख्या बढाई गई थी। जयपुर में 150 और कोटा व जोधपुर में 100-100 वार्ड किए गए थे। अब नए फैसले के बाद फिर से परिसीमन किया जाएगा और इसके बाद जयपुर में 250, कोटा में 150 और जोधपुर में 160 वार्ड हो जाएंगे। जयपुर में 100 वार्ड हेरिटेज निगम में और 150 वार्ड ग्रेटर निगम में होंगे, जबकि कोटा में 70 वार्ड उत्तर व 80 वार्ड दक्षिण कोटा निगर में होंगे। जोधपुर में दोनों निगमों में 80-80 वार्ड होंगे। धारीवाल ने बताया कि परिसीमन का काम दो-तीन माह में पूरा कर आगामी छह माह में चुनाव करा लिए जाएंगे। इन निगमों का मौजूदा कार्यकाल नवम्बर में समाप्त हो जाएगा और जब तक नए चुनाव नहीं होते, इनका प्रशासनिक नियंत्रण राज्य सरकार के पास रहेगा।

Posted By: Navodit Saktawat