मनीष गोधा, जयपुर। राजस्थान सरकार राज्य के सभी गांवों का मास्टरप्लान तैयार करवा रही है। गांवों में आमामी 30 वर्ष की जरूरतों के हिसाब से विकास की योजना तैयार की जाएग और इसके लिए स्थान व भूमि चिन्हित की जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए गाइडलाइन्स तैयार कर जिला कलक्टरों को भेज दी है। राजस्थान के गांवों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित विकास सामान्य समस्या है। लगभग हर गांव इस समस्या से पीडि़त हैं। इससे निजात पाने के लिए सरकार सभी राजस्व गांवों के मास्टरप्लान तैयार करवा रही है।

राजस्थान में करीब 45 हजार राजस्व गांव है और इन सभी में आगामी 30 वर्ष यानी 2050 तक की जरूरत के हिसाब से मास्टरप्लान तैयार कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार के बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी। इस आधार पर हाल में पंचायतराज विभाग ने इसकी गाइडलाइंस तैयार कर सभी जिला कलक्टरों को भेज दी है।

अब जिला कलेक्टर पटवारियों और ग्राम सेवका, पंचायत प्रसार अधिकारी और सम्बन्धित गांव के सरपंच, वार्ड पंच आदि के सहयोग से यह मास्टरप्लान तैयार कराएंगे। सरकार का मानना है कि मास्टरप्लान तैयार किए जाने से गांवों में अतिक्रमण की समस्या काबू मे आएगी और गांवों का व्यवस्थित विकास हो सकेगा। गांव में 21 तरह की जनसुविधाओं का प्रावधान करते हुए मास्टरप्लान तैयार किया जाएगा।

यूं बनेगा यह मास्टरप्लान

- हर गांव में मौजूद नदी, नाले, पहाड़, तालाब और आबादी क्षेत्र को चिन्हित कर गांव का नक्शा तैयार किया जाएगा

- इस नक्शे में गांव में मौजूद सुविधाओं जैसे अस्पताल, स्कूल, काॅलेज, सामुदायिक केन्द्र, पशु कल्याण केन्द्र, कब्रिस्तान, श्मशान, बस अडडा, बाजार, मण्डी आदि को भी चिन्हित किया जाएगा।

- अगले तीस वर्ष में गांव में आबादी का आकलन कर गांव में मौजूदा सुविधाओं में वृद्धि और नई सुविधाओं जैसे लघु उदयोग केन्द्र, तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र, काॅलेज, बड़ा अस्पताल, गोशाला, पशु अस्‍पताल, कृषि उपज भण्डारण केन्द्र, सरकारी कार्यालय, सरकारी अधिकारियो और कर्मचारियो के मकान आदि का प्रावधान किया जाएगा और उनके लिए गांव में उपलब्ध भूमि में स्थान चिन्हित किए जाएंगे।

- गांवों में वर्षा जल पुनर्भरण ढांचों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और मास्टरप्लान में इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जो गांव हाइवे या खनिज सम्पदा या औदयोगिक क्षेत्रों के निकट है, वहां उनकी जरूरतों के हिसाब से मास्टरप्लान तैयार किया जाएगा।

- पटवारियों और ग्राम विकास अधिकारी आदि के सहयोग से तैयार इस मास्टरप्लान को सरपंच और गांव के वार्ड पंच ग्रामसभा में अनुमोदित करेंगे।

Posted By: Navodit Saktawat